एक तरफ सरकार की ओर से लोगों को 99 रुपये में एलईडी बल्ब मुहैया कराया जा रहा है। ब्रांडेड कंपनियों के एलईडी बल्ब 110-150 रुपये के बीच बाजार में बेेचे जा रहे हैं। वहीं एमएमएमयूटी कैंपस स्थित नायलेट संस्थान में चल रहे शार्ट टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत युवाओं को महज 40 रुपये में एलईडी बल्ब तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
एक महीने के प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को एलईडी बल्ब के निर्माण से जुडे़ मैटेरियल समेत अन्य बातों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही प्रशिक्षण के दौरान तैयार होने वाले एलईडी बल्ब को सभी लैब और डिपार्टमेंट में इस्तेमाल भी किया जा रहा है।
संस्थान के डायरेक्टर एकेडी द्विवेदी ने बताया कि विद्यार्थियों की ओर से बनाए जा रहे एलईडी बल्ब दुधिया की बजाय, सूर्य की किरणों जैसी हल्की पीली (वार्म वाइट) रौशनी प्रदान करती है। इससे ज्यादा देर तक इन बल्बों का इस्तेमाल पढ़ाई और बारिक कामों के दौरान किया जा सकता है। वार्म वाइट रोशनी को दुनियाभर के एक्सपर्ट भी सफेद रोशनी से ज्यादा बेहतर विकल्प मानते हैं।
उन्होंने बताया कि निर्माण किए जा रहे एलईडी बल्ब को अगर कोई विद्यार्थी मार्केट में लेकर जाना चाहता तो संस्थान उसकी हर संभव मदद भी करेगा। एक बल्ब को तैयार करने में 40-45 रुपये का खर्च आ रहा है। इसके लिए न्यूनतम अर्हता इंटरमीडिएट निर्धारित की गई है।