गोरखपुर।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी में नए सत्र की कक्षाएं शुरू हो गईं हैं। कम शिक्षकों में भी पठन-पठान का माहौल बनाए रखने को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन जुटा हुआ है। वहीं छात्रसंघ के दावेदार हवा निकालने में लगे हुए हैं। राजनीति चमकाने की फिराक में खुद यूनिवर्सिटी कैंपस का माहौल खराब कर रहे हैं। गुरुवार को भी छात्र समस्याओं की दुहाई देकर दिन भर प्रत्याशियों ने लाइब्रेरी से लेकर मेन गेट तक जमकर हंगामा किया। जिम्मेदार और पुलिस प्रशासन इनके आगे बौना साबित होता नजर आया।
गुरुवार की दोपहर में कुछ दावेदारों ने लाइब्रेरी की समस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू किया। अचानक हुई बारिश के दौरान छात्र नारेबाजी करते हुए मेन गेट को बंद कर धरने पर बैठ गए। इस दौरान छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन खिलाफ जमकर नारे लगाए। किसी भी जिम्मेदार के मौके पर नहीं पहुंचने पर छात्रों ने मेन सड़क जाम कर दी। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। आनन-फानन में मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रों को सड़क से हटाया। इसके बाद वे फिर धरने पर बैठ गए। इससे करीब एक घंटे तक यूनिवर्सिटी के अंदर और बाहर वाहनों का आवागमन नहीं हो सका। इससे शिक्षकों के साथ कर्मचारियों को भी परेशानी उठानी पड़ी। पूरे हंगामा के दौरान यूनिवर्सिटी का कोई भी जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा। दोपहर 2:30 चीफ प्रॉक्टर और सीओ कैंट मौके पर पहुंचे, छात्रों को समझा-बुझाकर धरना खत्म कराया।
महिला प्रत्याशी की गाड़ी को रोका
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने महिला दावेदार की गाड़ी को भी गेट से बाहर नहीं निकलने दिया। इससे गेट पर दोनों ही पक्षों के समर्थकों में कई बार बहस हुई। दोनों ही अपने-अपने दावेदारों के पक्ष में जमकर नारेबाजी करते रहे।
सेल्फी लेने की होड़ रही
प्रदर्शन के दौरान एक तरफ बयानबाजी का दौरा चल रहा था। दावेदार यूनिवर्सिटी और छात्र हितों के लिए जीने मरने की कसमें खा रहे थे तो वहीं उनके समर्थक सोशल नेटवर्किंग साइट्स के लिए मोबाइल से सेल्फी खींचने में लगे हुए थे। बढ़िया फोटो नहीं आने पर नेता जी पोज बदल ले रहे थे।