गोरखपुर।
आरपीएफ कर्मियों के एक डॉक्टर को जबरन उठा ले जाने व बदतमीजी करने के मामले को लेकर पूर्वोत्तर रेलवे के ललित नारायण मिश्र रेलवे चिकित्सालय के जूनियर डॉक्टर गुरुवार को सामूहिक अवकाश पर रहे। 16 जूनियर डॉक्टरों के कार्य से विरत रहने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक का जिम्मा सीनियर डॉक्टरों को संभालना पड़ा। जूनियर डॉक्टर आगे की रणनीति पर शुक्रवार को आहूत बैठक में चर्चा करेंगे।
रेलवे चिकित्सालय के जूनियर डॉक्टरों ने आरपीएफ कर्मियों पर एक डॉक्टर को जबरन उठा ले जाने व बदतमीजी करने का आरोप लगाया था। अपनी मांगों को लेकर उन्होंने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात भी की थी। जूनियर डॉक्टर बृहस्पतिवार से यह शर्त रखते हुए सामूहिक अवकाश पर चले गए कि आईजी आरपीएफ अपने कर्मियों के कृत्य के लिए लिखित माफी मांगें। जूनियर डॉक्टर वैभव सोमवंशी ने कहा कि बृहस्पतिवार को आईजी आरपीएफ से नीचे काम करने वाले एक अधिकारी तथा डॉक्टर से बदतमीजी करने में शामिल आरपीएफ कर्मियों ने मेडिकल प्रशासन के सामने जूनियर डॉक्टरों से मौखिक रूप से माफी मांगी है और भविष्य में इस तरह का कृत्य न करने का विश्वास दिलाया है। डॉ वैभव ने कहा कि गुरुवार को जूनियर डॉक्टर कार्य बहिष्कार पर रहे। आगे की रणनीति का फैसला कल किया जाएगा।