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विद्यालय में मिले मात्र छह बच्चे और एक शिक्षक

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कुशीनगर। फाजिलनगर ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय रहसू जनूबी पट्टी में मात्र 31 बच्चों का नामांकन है और इन्हें पढ़ाने के लिए तीन अध्यापक तैनात किए गए हैं। परंतु बदहाली का आलम यह है कि बृहस्पतिवार को यहां महज छह बच्चे ही पढ़ने आए और तीन में से दो अध्यापिकाएं भी अनुपस्थित थीं।
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परिषदीय स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के सरकारी प्रयासों को विभागीय अफसरों की मनमानी पलीता लगा रही है। फाजिलनगर क्षेत्र का जूनियर हाईस्कूल रहसू जनूबीपट्टी इसका उदाहरण है। इस विद्यालय में हेड मास्टर शमीम आरा के अलावा सहायक अध्यापिका उषा रानी और नागेश्वर दूबे की तैनाती है। इस गांव के महेंद्र कुशवाहा, लालबचन गुप्ता, बलदेव कुशवाहा, श्यामदेव कुशवाहा, तपेश्वर भगत, रामसागर कुशवाहा आदि का कहना कि यहां तैनात अध्यापक मनमाने तरीके से स्कूल आते हैं। इसकी वजह से वे लोग मजबूरी में अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाते हैं। बृहस्पतिवार को इस विद्यालय पर नामांकित 31 में से केवल छह बच्चे ही पढ़ने आए थे। हेड मास्टर व एक सहायक अध्यापिका स्कूल नहीं पहुंची थीं। मौजूद सहायक अध्यापक नागेश्वर दूबे ने उन दोनों के विषय में कोई जानकारी नहीं होने की बात कही। गांव के लोगों का कहना है कि आए दिन यहां यही स्थिति रहती है। विभागीय अफसर कभी स्कूल जांच करने नहीं जाते हैं। इस संबंध में बीएसए हेमंत कुमार राव का कहना है कि छात्र संख्या इतना कम होना और अध्यापकों की अनुपस्थिति का मामला गंभीर है। इसकी जांच कराकर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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