किरायेनामे के समय स्टांप ड्यूटी नहीं जमा करने वाले शहर के 60 दुकानदारों से 7.64 लाख रुपये की वसूली होगी। संबंधित रकम जमा करने के लिए सभी को एक महीने की मोहलत दी गई है। इसके बाद आरसी जारी होगी। हालांकि कुछ दुकानदारों ने बकाये की यह रकम जमा करने के लिए खुद ही पहल की है।
पिछले साल रजिस्ट्री महकमे के अफसरों ने गोलघर, टाउनहाल, सिनेमा रोड, रुस्तमपुर, असुरन समेत शहर के कई प्रमुख बाजारों की दुकानों के किरायेनामे के प्रपत्रों की जांच की थी। जांच में करीब चार सौ दुकानदारों द्वारा स्टांप ड्यूटी नहीं जमा करने का खुलासा हुआ था। इन सभी दुकानदारों के खिलाफ एडीएम (फाइनेंस) और एआईजी स्टांप के कोर्ट में मुकदमे दाखिल हुए थे। इनमें से एआईजी ने 60 मामलों में फैसला सुनाते हुए सभी पर स्टांप ड्यूटी का बकाया तय करते हुए उसे एक महीने में जमा करने के आदेश दिए हैं। इन सभी दुकानों का किरायेनामा 1994 या उसके बाद तैयार हुआ था।
नए सर्किल रेट के लिए सर्वे शुरू
नए सर्किल रेट के लिए रजिस्ट्री महकमे ने सभी तहसीलों में सर्वे शुरू कर दिया है। एआईजी स्टांप रामशंकर सिंह ने सभी सब रजिस्ट्रार से 20 जून तक सर्वे रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए है। उन्होंने बताया कि सभी तहसीलों की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नया सर्किल रेट तैयार किया जाएगा। इसके बाद आमजन और अधिवक्ताओं से इस पर आपत्ति मांगी जाएगी। आपत्तियों के निस्तारण के बाद एक अगस्त से इसे लागू किया जाएगा। बताया कि सभी तरह की विसंगतियों को दूर कर संपत्ति के मार्केट रेट या उसके आसपास सर्किल रेट का निर्धारण करने पर जोर है।