अभी खपत और उपलब्धता बराबर है। इस वर्ष सभी ट्रेनों में एचएचबी कोच लगाए जाने हैं। वहीं स्पेशल ट्रेनों में बेडरोल (चद्दर, कंबल, तकिया) उपलब्ध कराने की चुनौती होगी। रेल प्रशासन ने विकल्प के रूप में अब मैकेनाइज्ड लांड्री की क्षमता बढ़ाकर दोगुना करने की तैयारी की है। इसके लिए यांत्रिक कारखाना की 85 वर्ग फीट जमीन पर लांड्री का वर्कशाप बनेगा। फरवरी 2019 में बने प्रस्ताव को यांत्रिक कारखाना ने अब सहमति दे दी है।
गोरखपुर से प्रारंभिक यात्रा शुरू करने वाली 28 ट्रेनों में मैकेनाइज्ड लांड्री से बेडरोल की सप्लाई दी जाती है। इसमें हमसफर एक्सप्रेस में सभी कोच एसी थ्री के हैं। रेल प्रशासन ने धीरे-धीरे एलएचबी कोच लगाने शुरू किए है। आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान समय में मैकेनाइज्ड लांड्री की क्षमता 8.54 टन (7756 बेडरोल पैकेट) की है। एक पैकेट में दो बेड शीट, एक तकिए का कवर एवं एक नैपकीन या छोटा तौलिया होता है। नई मशीने लगने के बाद क्षमता बढ़कर 12.48 टन (13241) हो जाएगी। सीनियर सीडीओ देवऋषि श्रीवास्तव ने बताया कि महत्वपूर्ण ट्रेनों की मानीटरिंग खुद कर रहे हैं। यात्रियों से फीडबैक भी लिया जा रहा है। एलएचबी कोच लगने से बेडशीट की मांग बढ़ेगी, इसे देखते हुए लांड्री की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
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18124 कंडम बेडशीट स्टोर में जमा
गोरखपुर। वित्तीय वर्ष 25018-19 में 18124 बेडशीट कंडम घोषित किए गए हैं। अब ये इस्तेमाल लायक नहीं हैं। इन्हें स्टोर में जमा कराया गया है। वहीं मैकेनाइज्ड लांड्री को 25 मार्च के बाद 9125 बेडशीट तथा 2026 तकिया मिले हैं।
कारखाना की टूटेगी दीवार
मैकेनाइज्ड लांड्री का दायरा बढ़ाने के लिए यांत्रिक कारखाना की दीवार तोड़ी जाएगी। 14.83 मीटर लंबाई और 6.64 मीटर चौड़ाई में हाल बनेगा, जिसका इस्तेमाल लांड्री के वर्कशाप में किया जाएगा। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
तीन बड़ी मशीनें लगेंगी
लांड्री में दो बड़ी वाशिंग मशीन और एक प्रेस करने वाली मशीन लगेगी। वाशिंग मशीन की क्षमता 120 किग्रा तथा प्रेस मशीन की क्षमता 360 बेड प्रति घंटे की है।
एलटीटी सुपरफास्ट में आज से नए बेडरोल
गोरखपुर-लोकमान्य तिलक सुपरफास्ट एक्सप्रेस में यात्रियों को बुधवार से नए बेडरोल दिए जाएंगे। ट्रेन में 196 कंबल, 950 बेडशीट, 475 तकिए का कवर और 475 तौलिया दिए जाएंगे। इसके बाद देहरादून एक्सप्रेस में नए बेडरोल दिए जाएंगे।