गोरखपुर। ट्रेनों में यात्रियों को परोसे जाने वाले नाश्ते-भोजन, गंदगी और स्टॉफ के बर्ताव की खुफिया जांच रेलवे ने शुरू करा दी है। इसके लिए निजी संस्थाओं के जरिये मिस्ट्री शॉपर रखे गए हैं। जिनकी इनकी पहचान गोपनीय है। ये ट्रेन में यात्रियों से घुल मिलकर सभी बिंदुओं पर बारीकी से अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। खास बात यह है कि मिस्ट्री शॉपर्स की रिपोर्ट को रेलवे बोर्ड जोनल रेटिंग में भी शामिल करेगा।
रेलवे ने लगातार शिकायतों के बाद बिगड़ती छवि को सुधारने के लिए खुफिया जांच का सहारा लिया है। देशभर में करीब 100 मिस्ट्री शॉपर रखे गए हैं। इन्हें संस्थाओं के जरिए ही एक निश्चित रकम दी जा रही है। ये मिस्ट्री शॉपर आम यात्री की तरह दिखेंगे लेकिन उनसे घुल मिलकर रेल में गुणवत्ता की जांच करेंगे और रिपोर्ट रेलवे बोर्ड के साथ रेल मंत्रालय को भेजेंगे। इनके बारे में रेलवे के अधिकारियों को भी जानकारी नहीं दी गई है।
खानपान की गुणवत्ता और सफाई को लेकर निर्धारित मानकों की गोपनीय जांच के लिए मिस्ट्री शॉपर लगाए गए हैं। ये तय मानकों की जांच कर रिपोर्ट सीधे रेलवे बोर्ड को भेजेंगे। रिपोर्ट के आधार पर भी ट्रेनों में जांच होगी। - संजय यादव, सीपीआरओ, एनईआर