गोरखपुर। दिवाली नजदीक आने के साथ ही बाजार में भी रौनक बढ़ गई है। खास कर कपड़ों, इलेक्ट्रॉनिक सामान, पटाखों और खान-पान की दुकानों पर चहल-पहल ज्यादा दिखाई पड़ने लगी है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की भी सक्रियता पहले दिनों की तुलना में ज्यादा बढ़ गई है। रोजाना जिले के विभिन्न क्षेत्रों की दुकानों से नमूने लिए जा रहे हैं। दूध और उससे बनने वाले उत्पादों पर विभाग की विशेष नजर है, मगर संसाधनों की कमी से जब तक नमूनों की जांच रिपोर्ट लैब से जिले में पहुंचेगी, तब तक होली आ जाएगी। ऐसे में थोड़ी सी सतर्कता बरती जाए तो हम भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच सकते हैं। यह जांच विभाग की तरह भले ही बहुत बारीक नतीजे तक न पहुंचे, मगर मिलावट की जानकारी तो हो ही जाएगी।
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ऐसे जांचें मिलावट-
0 दूध में पानी की जांच
दूध की एक-दो बूंद दीवार पर डालकर देखें। यदि दूध थोड़ा मुश्किल से बहे और पीछे दूध की लकीर बने तो दूध शुद्ध समझें और यदि आसानी से तुरंत बह जाए और पीछे पानी जैसे लकीर बने तो दूध में पानी मिला है। लेक्टोमीटर से भी दूध में पानी की जांच आसानी से की जा सकती है। इसमें एक कांच की नली में दूध भरकर लेक्टोमीटर के साथ मिले छोटे उपकरण को उसमें डाल दें। इस पर बने हुए माप से दूध में मिले पानी का पता चल जाता है।
0 दूध में यूरिया की जांच
एक कप में दो चम्मच दूध लें। इसमें एक चम्मच सोयाबीन का आटा मिला दें। पांच मिनट बाद इसमें लाल लिटमस पेपर डालें। यदि इसका रंग बदल कर नीला हो जाए तो इसका मतलब है कि दूध में यूरिया मिला है।
0 दूध में फोर्मलिन की जांच
दो चम्मच दूध में दो-तीन बूंद सल्फ्यूरिक एसिड डालें। यदि दूध के ऊपर नीले रंग का छल्ला सा बना दिखाई दे तो दूध में फोर्मलिन मिला हो सकता है। फोर्मलिन मिलाने से दूध जल्दी खराब नहीं होता। कुछ डेयरी और दूरदराज से दूध लाने वाले कुछ दूधिये इसका इस्तेमाल करते हैं।
0 खोवे की पहचान
खोेवे में चिकनापन लाने के लिए डालडा मिलाया जाता है। अगर जीभ में खोवा रखने से वह चिपकता है तो वह मिलावटी है। खोवे का भार बढ़ाने के लिए उसमें स्टार्च मिलाया जाता है। स्टार्च की मिलावट जांचने के लिए इसकी थोड़ी मात्रा में पानी मिलाकर मिश्रण को उबालें। फिर उसमें आयोडीन की कुछ बूंदें डालें। यदि नीले रंग की परत दिखे तो खोवे में स्टार्च की मिलावट है।
0 शहद में मिलावट की पहचान
शहद की जांच के लिए रूई की बत्ती बनाकर शहद में डुबोकर जलाएं। यदि चटक कर बत्ती जल जाए तो शहद असली है। यदि बत्ती नहीं जलती है तो शहद में मिलावट की गई है।
- एक मक्खी पकड़कर शहद में डुबो दें। वह बाहर निकल कर उड़ जाए तो शहद असली है। मक्खी उड़ न पाए तो शहद मिलावटी माने।
- एक कांच के गिलास में पानी भरकर उसमें शहद की एक बूंद डालें। यह बूंद सीधे जाकर नीचे बैठ जाए तो शहद असली है और यदि बूंद तली में पहुंचने से पहले ही घुल जाए या नीचे पहुंच कर तुरंत फैल जाए तो शहद मिलावटी है।
0 शक्कर में मिलावट की पहचान
शक्कर में चॉक पाउडर, यूरिया आदि के मिलावट की आशंका होती है। ऐसे में दो चम्मच शक्कर को एक कप पानी में डालकर गर्म करें, यदि इसमें चॉक पाउडर होगा तो नीचे दिखाई देगा। शक्कर को पानी में डालने पर अमोनिया की बदबू आती है तो इसका मतलब है कि शक्कर में यूरिया की मिलावट है। इसी तरह एक कप पानी में एक चम्मच शक्कर घोल लें। इसमें तीन-चार बूंद हाईड्रोक्लोरिक एसिड डालें। यदि गुलाबी रंग दिखाई दे तो शक्कर मिलावटी है।
0 घी में मिलावट की पहचान
देशी घी में वनस्पति घी, आलू या स्टार्च की मिलावट हो सकती है। वनस्पति घी चेक करने के लिए एक कप चम्मच में घी लें। इसमें एक चम्मच हाइड्रोक्लोरिक एसिड मिलाएं। पांच मिनट बाद देखें। यदि लाल रंग दिखाई दे तो घी मिलावटी है। आलू या स्टार्च की जांच के लिए घी में आयोडीन की कुछ बूंद डालें। यदि नीला रंग दिखाई दे तो समझिए घी में आलू या स्टार्च मिला है।
0 हल्दी में मिलावट की पहचान
हल्दी में मेटानिल येलो नामक रंग की मिलावट हो सकती है, जो कैंसर का कारण बन सकता है। इसकी जांच के लिए हल्दी पाउडर में पांच बूंद पानी और पांच बूंद हाइड्रोक्लोरिक एसिड मिलाएं। यदि हल्दी का रंग बैंगनी या गुलाबी हो जाए तो हल्दी में मिलावट की गई है।