गोरखपुर।
बालरोग विभाग के वार्डों में लोगों की बेरोकटोक आवाजाही से संक्रमण की आशंका को लेकर कमिश्नर अनिल कुमार सख्त हो गए हैं। उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को वार्ड में लोगों का गैरजरूरी प्रवेश रोकने के लिए यहां होमगार्ड तैनात करने के लिए कहा है। इसके बाद सोमवार को चार होमगार्डों की तैनाती भी कर दी गई।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पीके सिंह ने बताया कि पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती बच्चों के साथ उनके माता को रहने की इजाजत है, परंतु देखा जा रहा है कि अन्य लोग भी वार्ड में चले जा रहे हैं। इससे बच्चों को इंफेक्शन का खतरा बना रहता है। इसको रोकने के लिए वार्ड के बाहर होमगार्ड की ड्यूटी लगाई जा रही है। चार होमगार्डों की ड्यूटी लग गई है और 15 होमगार्ड्स की तैनाती के आदेश कर दिए गए हैं।
बाहरी डॉक्टरों ने संभाली जिम्मेदारी
प्राचार्य डॉ. पीके सिंह ने बताया कि शासन द्वारा दूसरे जिलों से भेजे गए 18 डाक्टरों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इनमें 10 जूनियर रेजिडेंट, सात मेडिकल आफिसर और पीडियाट्रिक विभाग के प्रोफेसर एवं हेड डॉ. आरपी सिंह शामिल हैं। इनके आ जाने से भर्ती मरीाजों की और बेहतर देखरेख संभव हो सकेगी।
नए वार्मर हुए क्रियाशील
कमिश्नर अनिल कुमार की पहल पर शासन की ओर से भेजे गए 40 नए वार्मर मेडिकल कॉलेज को भेजे गए। इसमें से 24 उपयुक्त स्थानों पर स्थापित कर दिए गए हैं। प्राचार्य डॉ. पीके सिंह ने बताया कि इलाज के लिए आने वाले बच्चों का प्रवेश भी शुरू कर दिया गया है। इससे पहले मेडिकल कॉलेज में मात्र 16 वार्मर ही स्थापित थे।
सफाई के लिए ले रहे नगर निगम का सहयोग
प्राचार्य डॉ. पीके सिंह ने बताया कि वार्ड और उसके आसपास साफ -सफाई की व्यवस्था को और बेहतर किया जा रहा है। प्रतिदिन कूड़ा उठवाया जा रहा है। सफाई व्यवस्था और बेहतर करने के लिए नगर निगम का सहयोग लिया जा रहा है। इसको आगे भी जारी रखा जाएगा।