सिद्धार्थनगर। आफत बनकर आई बाढ़ ने सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त कर दी है। बाढ़ के कारण कई पावर हाउस अभी भी पानी में डूबे हुए हैं, जिससे 100 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। वहीं, कई स्थानों पर खंभे झुकने व तार टूट चुके हैं जिसे पानी भरा होने के कारण विभाग ठीक नहीं कर पा रहा है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से बाढ़ में फंसे लोगों का संकट और गहरा गया है। मोबाइल चार्ज नहीं होने से सूचनाओं को आदान-प्रदान करने में खासी दिक्कत हो रही है।
जिले में बाढ़ से बिजली व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। लोटन, महरवाजोत, बोहली सहित करीब आधा दर्जन पावर हाउस बाढ़ की जद में हैं। बाढ़ का पानी पावर हाउस में घुसने की वजह से बिजली सप्लाई नहीं हो पा रही। इसके चलते 100 से अधिक गांवों में आपूर्ति बंद है। करीब 10 दिनों से यह समस्या बनी हुई है। लोटन पावर हाउस में पानी भरने से बिजली आपूर्ति बंद थी, जिससे आक्रोशित लोगों ने दो दिन पूर्व संबंधित पावर हाउस के जेई को पीट दिया था। इसके बाद बुधवार की सुबह विभाग ने वहां के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति बहाल की। सबसे खराब स्थित बांसी क्षेत्र के महरवाजोत पावर हाउस की है, यहां पावर हाउस अभी भी पानी में डूबा हुआ है। इस कारण तीन दर्जन से अधिक गांवों में दस दिनों से बिजली आपूर्ति बंद है। जोगिया व बांसी क्षेत्र में भी कई गांव में सप्लाई नहीं हो पा रही है। बिजली नहीं रहने से ग्रामीणों को सबसे अधिक मोबाइल चार्ज करने में कठिनाई हो रही है। मोबाइल डिस्चार्ज होने के कारण लोग सूचनाओं का आदान-प्रदान नहीं कर पा रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस आफत में बिजली ने भी दगा दे दिया है। मोबाइल चार्ज नहीं होने से हम अपनी समस्या भी किसी को अवगत नहीं करा पा रहे हैं। इस संबंध में एक्सईएन एसके ओझा ने बताया कि जैसे-जैसे पानी घट रहा है। उसी के अनुसार सप्लाई शुरू की जा रही है। कोई तकनीकी खराबी नहीं है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बाढ़ से घिरे गांवों में बिजली आपूर्ति बंद है।
जलमग्न गांव में पानी कम होने तक बाधित रहेगी बिजली
विभागीय लोगों की माने तो जलमग्न गांवों में अगले कई दिनों तक बिजली आपूर्ति नहीं होगी। सुरक्षा को दृष्टि से इन गांवों में बिजली आपूर्ति रोक दी गई है। कारण कई स्थानों पर तार पानी में डूबे हुए हैं। सप्लाई करने से बड़ी घटना हो सकती है। इसलिए बिजली सप्लाई बंद कर दी गई है।