गोरखपुर।
घटतौली आदि के मामलों में पेट्रोल पंपों पर हो रही कार्रवाई के खिलाफ पेट्रोलियम एसोसिएशन (गोरखपुर परिक्षेत्र) आंदोलन की तैयारी में है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि जांच में चंद पेट्रोल पंपों पर खामी मिली और जनता के बीच सभी पेट्रोल पंप मालिक गलत साबित हो रहे हैं। आरोप लगाया कि कार्रवाई में नियम, कानून की अनदेखी कर पेट्रोल पंप मालिकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। घटतौली पर कंपाउडिंग की जगह सीधे एफआईआर दर्ज करा दी जा रही है। जहां जांच में अधिक तेल पाया गया है वहां के भी पेट्रोल पंप मालिकों पर एफआईआर दर्ज करा दी गई।
शनिवार को प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष राजन शाही और महामंत्री अनुराग पाण्डेय ने कहा कि गोरखपुर परिक्षेत्र के छह जिलों में करीब 4400 नोजल के की मदद से सप्लाई होती है। जांच टीम जिसे घटतौली साबित कर रही है, उसमें पेट्रोल पंप मालिकों की कोई मिलीभगत नहीं है। डिस्पेसिंग यूनिट के नियमों में है कि तौल में उतार-चढ़ाव हो सकता है। किसी भी मशीन से 100 बार पेट्रोल या डीजल तौला जाता है तो उनमें तकरीबन 20 बार अंतर मिलेगा। मशीनों में पेट्रोल पंप का कोई कर्मचारी छेड़छाड़ नहीं कर सकता है। यही नहीं, पेट्रोल पंपों की जांच का खर्च भी डीलरों से वसूला जा रहा है। एसोसिएशन ने चेताया कि अगर इस तरह की मनमानी पर रोक नहीं लगी तो चरणवार आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
इस दौरान एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष चंद्र प्रकाश दुबे, संरक्षक अमर नाथ तिवारी, शिवाजी चंद, उपाध्यक्ष डॉ विश्व नारायण सिंह, श्रीकांत मणि त्रिपाठी, राम कुमार सिंह, सीताराम अग्रवाल, संजय कुमार शुक्ला, गोविन्द माधव मंत्री राकेश त्रिपाठी, अखिलेंद्र शाही, विजय रूंगटा, कुबेर सिंह, महेंद्र प्रसाद गुप्ता, जय प्रकाश मिश्रा, विनोद चंद, विनोद पाण्डेय समेत कई पेट्रोल पंपों के मालिक मौजूद रहे।