गोरखपुर। जिला कारागार में बंदी और कैदी रामचरित मानस और गीता भी पढ़ेंगे। ऐसा उन्हें सुधारने के मकसद से किया जाएगा। इसके लिए जेल में पांच सौ धार्मिक किताबें मंगाई गई हैं। सोमवार को करीब सौ बंदियों को धार्मिक किताबें मुहैया भी कराई गईं। बाकी किताबें जेल में लाइब्रेरी बनाकर रखी गई हैं। बंदियों के मांगने पर ये किताबें दी जाएंगी।
वरीष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. रामधनी ने बताया कि वर्तमान में जेल में करीब 1800 बंदी हैं। बंदियों के जीवन में सुधार और क ल्याण के लिए इन किताबों को गीता प्रेस से मंगाया गया है। कुछ बंदियों ने किताबें पढ़नी शुरू कर दी हैं। उन्होंने बताया कि रामचरित्र मानस, भागवत गीता, भागवत पुराण, कल्याण, विनय पत्रिका आदि किताबें मंगाई गई हैं। इस दौरान जेलर प्रेमसागर शुक्ल आदि मौजूद रहे।