माया सिनेमा हॉल में कार्यक्रम ''एक शाम हम कवियों के नाम'' कविता पढ़ते कुमार विश्वास और मंचासीन तनवीर गाजी और दिनेश बावरा।
गोरखपुर। डॉ. कुमार विश्वास शनिवार को कबीर, प्रेमचंद और फिराक की सरजमीं पर पहुंचे तो बिल्कुल बेलौस बोले। जिस बेबाक तेवर के लिए वह जाने जाते हैं, उसी अंदाज में गोरखपुर में सियासी दलों को आइना दिखा गए। कहा, ‘जो खुद खतरे में हैं, वे लोकतंत्र बचाओ का नारा दे रहे हैं।’ ‘लोकतंत्र बचाने का नारा देने वाले दल पहले ये देखें कि उनकी पार्टी में लोकतंत्र बचा है या नहीं।’
उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी लोकतंत्र बचाने की बात करते हैं, जो उनकी पार्टी में ही नहीं है।’ ‘अखिलेश यादव लोकतंत्र बचाने की गुहार लगाते हैं, पर पहले अपने चाचा से रिश्ते तो सुधारें।’ ‘मेरी पार्टी की बात हो तो वह भी सिर्फ एक व्यक्ति की सनक पर चल रही है।’ डॉ. विश्वास ने भाजपा में सिर्फ मोदी-शाह की चलने की बात कहकर पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र पर सवाल उठाया। बोले, ‘देश दो राहे पर खड़ा है।’ ‘भारत में झूठ राजनीति व समाज में गहरे तक घुसा है।’ खुद को सकारात्मक और ईश्वरवादी बताते हुए विश्वास जताया कि आम आदमी ही देश को इस स्थिति से उबारकर लोकतंत्र बचाए रख सकता है।
‘युवा सीएम से गोरखपुर के विकास की उम्मीद’
20 साल पहले तत्कालीन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ के बुलावे पर एमपी कॉलेज में कवि सम्मेलन का संचालन करने आए कुमार विश्वास ने प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री से शहर के विकास की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि पुरानी दिल्ली जाकर यह खुद पता चल जाता है कि यह गालिब का शहर है। जबकि फिराक की धरती पर आकर इसका पता नहीं चलता। रविवार को रघुपति सहाय फिराक के गांव जाऊंगा। उनकी स्मृतियों को संजोने के लिए काम होना चाहिए। उन्होंने बताया कि मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने यहां फिराक महोत्सव का आयोजन कराने का वादा किया है। फिराक पीठ की यहां स्थापना होनी चाहिए।
‘मेरी पुस्तक ला सकती है सियासी भूचाल’
डॉ. कुमार विश्वास ने जल्द आ रही अपनी दो पुस्तकों पर भी बात की। 10 साल बाद आ रही पुस्तकों पर कहा कि एक कविताओं पर है तो दूसरी में मैंने अपनी राजनीतिक और सामाजिक अनुभवों को सहेजा है। राजनीति की जो बातें बाहर नहीं आ पाईं, वे इस किताब के जरिए लोगों के बीच होंगी। लोकसभा चुनाव से पहले आ रही उनकी पुस्तक सियासी भूचाल ला सकती है।
‘मनोज तिवारी को पीएम मोदी से मैने मिलवाया था’
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष से नजदीकी पर सवाल उठा तो डॉ. विश्वास ने कहा ‘मनोज तिवारी से 16 वर्ष पुरानी दोस्ती है, ऐसे में 2018 में इसे लेकर कोई आरोप लगाना मूर्खतापूर्ण है।’ ‘मनोज पहले सपा में थे अब भाजपा में हैं।’ ‘सच्चाई तो यह है कि मनोज तिवारी को मैंने ही पीएम मोदी से मिलवाया था।’ ‘नरेंद्र मोदी, शिवपाल यादव सहित कई राजनेता से मेरी दोस्ती है।’