श्री श्याम प्रभु एवं श्री राणी सती दादी ट्रस्ट की ओर से सोमवार को रामजानकी मंदिर सुमेर सागर में फाल्गुन उत्सव आयोजित हुआ। इसमें लोगों ने फूलों की होली खेली और एक-दूसरे के गले लगकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस बीच विजय के फाग सुनकर लोग भक्ति के रंगों से सराबोर हो गए।
फूलोें की होली के बीच विजय की स्वर लहरियों ने माहौल को भक्तिमय कर डाला। भक्तिभाव में डूबे लोग कभी एक-दूसरे पर फूल उड़ाते तो कभी भगवान की भक्ति में मगन होकर नाचते नजर आए। भजनों की झड़ी लगी तो लोग प्रेमानंद की अनुभूति में थिरकते ही रह गए। श्याम तेरे दर्शन में भलाई देख ली..., इस होली में मेरो कान्हा बच के रहियो... आदि भजनों के बीच चार घंटे कब गुजर गए भक्तों को पता ही नहीं चला।
श्याम रंग में रंगे इस फाल्गुन उत्सव का शुभारंभ संयोजिका रीता अग्रवाल ने श्रीश्याम का विधिविधान से पूजन करके किया। इसके बाद कभी श्याम बाबा के जयकारे गूंजे तो कभी श्रीकृष्ण की जय-जयकार गूंजती सुनाई दी। इस दौरान रेखा गोयल और अनीता गोयल ने गणपति एवं पितरदेव की वंदना में गीत गाए। इससे पहले कतारबद्ध महिलाओं ने निशान लेकर मंदिर के गर्भगृह की परिक्रमा की। ज्योति जली तो एक बार फिर श्रीश्याम बाबा के जयकारे गूंजे। इस दौरान शंकर लाल खाटूवाला, प्रो. बनवारी लाल सराफ, शिव कुमार छापड़िया, दीपक अग्रवाल, ज्योति गोयल, पवन कुमार केशान, वेद प्रकाश अग्रवाल, रवि गोयल, विजय खेमका, अनिल गोयल, श्रवण अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
निकली निशान यात्रा, बही भजनों की बयार
श्री श्याम मंडल ट्रस्ट की ओर से श्री श्याम मंदिर कालीबाड़ी से सुबह आठ बजे 101 ध्वज निशान के साथ भव्य शोभायात्रा निकली। शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए यात्रा वापस मंदिर पहुंची। यहां श्री श्याम भक्तों ने निशान अर्पित किए। इसके बाद शाम 7:30 बजे भजन संध्या आयोजित हुई। ज्योति जलने के बाद आगरा की भजन गायिका अदिति ने अपने भजनों से लोगों को थिरकने पर विवश कर दिया। जब बिन बोले मिलता तो बोल के क्या मांगे..., आने वाले हैं खाटू के सरकार जी..., तुम झोली भर लो भक्तों रंग और गुलाल से... आदि भजनों के बीच भक्त घंटों थिरकते रहे। इस दौरान कालीबाड़ी महंत रविंद्र दास, सजन जालान, निर्मल जालान, मुकुंद गोयनका, अभय अग्रवाल, किशन गोयनका आदि मौजूद रहे।