सिद्धार्थनगर। आशा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर और आईटीआई कर्मियों ने राजकीय आईटीआई नौगढ़ परिसर में धरना दिया। आशा वर्करों 21 सूत्री मांगों का समाधान न होने पर 23 मार्च से आमरण अनशन पर जाने की बात कही। वहीं आईटीआई कर्मियों ने छह मांगों का ज्ञापन डीएम के माध्यम से मुख्य सचिव को भेजा।
आंगनबाड़ी वर्करों के धरने में राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला जागो हक मांगो प्रकोष्ठ कामिनी देवी ने कहा कि यह बहुत बड़ी बिडंबना है कि स्वास्थ्य विभाग की नियुक्ति में आशा कार्यकर्ता, आशा संगिनी को जन स्वास्थ्य रक्षक नहीं माना गया है। अगर स्वास्थ्य विभाग ने आशा कार्यकर्ता व संगिनी को जन स्वास्थ्य रक्षक नहीं माना तो 23 मार्च से आमरण अनशन शुरू होगा। अध्यक्षता एनएच अजनबी ने किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष आशा संघ शीला साहनी, मंडल अध्यक्ष महिला जागो हक मांगों प्रकोष्ठ जगदंबा, धर्मराज विश्वकर्मा, सतीश कुमार, सुनीत, रीना, पूजा, पिंकी, दुर्गेश सिंह, बसंती, फूलमती, शांती, शशिकला, मंजू, विश्वनाथ यादव, विनय कुमार, अमरेश कुमार, सिद्धराम आदि मौजूद रहे।
वहीं आईटीआई परिसर में धरने के दौरान शाखा अध्यक्ष प्रेमशंकर ने कहा कि संगठन ने कई बार शासन स्तर से पदोन्नति के माध्यम से रिक्त पदों की भर्ती करने के लिए वार्ता हुई। पर, व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के उच्चाधिकारियों ने पदोन्नति में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। कार्यदेशकों के करीब 600 पद पर पदोन्नति की जानी है। लेकिन शासन स्तर से कार्यवाही नहीं की जा रही है। धरने की अध्यक्षता मंत्री राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद बस्ती मंडल अरुण प्रजापति ने किया। इस दौरान महामंत्री अहमद परवेज, विपिन चौधरी, सर्वचंद्र राय, चक्रधर पांडेय, विवेक यादव, मुकेश कुमार, अंकित सरन, किरन विश्वकर्मा, सावित्री गुप्ता, वीरेंद्र शर्मा, अमरेंद्र कुमार, जीतेंद्र पटेल, सतीश यादव, विनीत शर्मा आदि मौजूद रहे।