फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खजनी के खुटहना पहुंचे राहुल

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
गोरखपुर।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को बाघागाड़ा, मलांव, इसरौलिया और खुटहन में ऑक्सीजन संकट के दौरान दम तोड़ने वाले बच्चों के घरवालों से मुलाकात की। उन्हें ढांढस बंधाते हुए राहुल गांधी ने बच्चों की मौत का मामला सदन में उठाने का भरोसा दिया।
उनवल के खुटहना में मेडिकल कॉलेज के पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान उन्होंने घटना की जानकारी ली। सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि पत्नी रीतू को नौ अगस्त को ऑपरेशन से मेडिकल कॉलेज में बच्चा पैदा हुआ था। बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे आक्सीजन दिया जा रहा था। आक्सीजन की कमी होने के बाद बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद 16 अगस्त को रीतू की भी मौत हो गई। राहुल गांधी ने सरकार बनने पर सुरेंद्र को पूरी मदद का भरोसा दिया। कहा कि घटना को लेकर सरकार को जवाब देना होगा। इसे लेकर वह सदन में सवाल उठाएंगे। राहुल ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकार पूरी तरह फ्लाप हो चुकी है। उसे सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
विज्ञापन

ग्राम बसौली में राहुल ने रमाशंकर यादव के घर पहुंचे। यहां उनके पिता रामरक्षा से मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ने वाले नवजात पोते के बारे में जानकारी ली। राहुल गांधी को 11 बजे गांव पहुंचना था, लेकिन वह करीब तीन बजे पहुंचे। रामरक्षा यादव से उन्होंने मुलाकात कर उन्हें सांत्वना देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी दु:ख की इस घड़ी में साथ खड़ी है। पार्टी भविष्य में आप का सहयोग करती रहेगी। पीड़ित परिवार के बीच राहुल गांधी करीब 10 मिनट गुजारे। बाघागाड़ा में ब्रह्मदेव यादव और मलांव में नितेश शुक्ल के घर पहुंचकर राहुल गांधी ने बच्चों की मौत से शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर, गुलाम नवी आजाद, पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह, ईश्वर चंद शुक्ला, जिला अध्यक्ष डॉ. सैयद जमाल अहमद, महानगर अध्यक्ष अरुण अग्रहरि, राणा राहुल सिंह, महानगर प्रवक्ता दिलीप निषाद, अनवर हुसैन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन


पीड़ितों से सच्चाई जानकर हुए भावुक
पीड़ित परिवारों ने मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन संकट के दौरान वहां के हालात बयां किए। बताया कि किस तरह से अचानक ऑक्सीजन सप्लाई रुकी तो उन्हें एंबुबैग पकड़ाया गया। मौत होने के बाद लाश देने में आनाकानी और फिर पिछले दरवाजे से निकाले जाने का जिक्र भी राहुल गांधी से किया। डॉक्टरों और कर्मचारियों के अभद्र व्यवहार की शिकायत भी पीड़ितों ने कांग्रेस उपाध्यक्ष से की। घंटों एंबुबैग चलाने के बाद भी किस तरह से आंख के आगे मासूम तड़पकर दम तोड़ते रहे यह सुनकर राहुल भावुक हो गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें