संतकबीरनगर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सहायक शिक्षक पद से शिक्षामित्रों के समायोजन को निरस्त किए जाने से नाराज शिक्षामित्र गुरुवार को जूनियर हाईस्कूल परिसर में जुटे और धरने पर बैठ गए। सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और धारा 144 लागू होने की बात कहते धरना खत्म करने को कहा गया। करीब तीन बजे शिक्षामित्रों ने दो सूत्री मांगो का ज्ञापन एसडीएम को दिया और प्रार्थना पत्र देते हुए शुक्त्रस्वार से अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा कर दी।
धरने को संबोधित करते हुए शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष रणजीत राय ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार को शिक्षामित्रों के बारे में कोई निर्णय लेना होगा। शिक्षामित्र 17 साल से विभाग की सेवा कर रहे हैं। अब उनका अचानक समायोजन रद्द कर दिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट को इस पर विचार करना चाहिए। पुलिस ने शिक्षा मित्रों पर झूठा मुकदमा कायम किया है। जबकि शिक्षा मित्रों को बीएसए कार्यालय की घटना से कोई लेना देना नहीं है। बीएसए कार्यालय के कर्मचारी खुद फर्जी नियुक्तियों की पत्रावली को जलाकर शिक्षामित्रों को फंसा रहे है। समायोजन रद्द होने से परिवार के समक्ष रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। शिक्षा मित्रों के धरने की सूचना पर कोतवाली पुलिस समेत कई थानों की फोर्स पहुंच गई। मौके पर एसडीएम उमेश चंद निगम, एएसपी एके वर्मा, तहसीलदार अरविंद सिंह, कोतवाल राकेश सिंह यादव आदि पहुंचे। एसडीएम ने शिक्षा मित्रों से धरना समाप्त करने को कहा। जिस पर डीएम को बुलाने की मांग की गई। काफी देर तक समझाने के बाद शिक्षामित्र मान गए। इसके साथ ही शिक्षामित्रों ने एसडीएम को आवेदन पत्र देकर शुक्त्रस्वार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने घोषणा की। इस अवसर पर अमर राय, महेंद्र यादव, विजय प्रताप सिंह, अजय भारती, श्रवण कुुमार, मंटू सिंह, प्रमोद पांडेय, राघवेंद्र सिंह, दिनेश पांडेय, सुनीता पांडेय, चंद्रावती, रमाकांत मौर्य, दयाराम मौर्य, अजय कुमार, रमेश चौधरी, विजय मिश्र समेत भारी संख्या में शिक्षा मित्र मौजूद रहे। वहीं धरने के कारण जूनियर हाईस्?कूल परिसर में एएसपी, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कोतवाल, कई थानों की फोर्स के साथ ही पीएसी चप्पे-चप्पे पर तैनात रही।
नहीं दी गई धरने की अनुमति : एसडीएम
शिक्षामित्रों द्वारा एसडीएम को धरने के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र एसडीएम उमेश चंद्र निगम ने कहा कि उन्होंने किसी भी प्रकार के धरने की अनुमति नहीं दी है। जिले में धारा 144 लागू है। ऐसी स्थिति में डीएम को प्रार्थना पत्र दिया जाता है। सुनवाई के बाद वे ही इस संबंध में निर्णय कर सकते हैं।
समायोजित शिक्षामित्रों की प्रमुख मांगे
- संविधान में तत्काल संशोधन करते हुए पुन: शिक्षक पद पर नियुक्त किया जाए।
- जब तक संविधान में संशोधन की प्रक्रिया लागू न हो तब तक सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार समस्त समायोजित शिक्षकों का समान कार्य समान वेतन दिया जाए।
शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष समेत 511 पर केस दर्ज
संतकबीरनगर। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज होकर जूनियर हाईस्कूल में बृहस्पतिवार को गोलबंद होकर धरना देने के मामले में शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष समेत 11 नामजद और 500 अज्ञात के खिलाफ गुरुवार को पुलिस ने धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में केस दर्ज किया। कोतवाल राकेश सिंह ने बताया कि जनपद में धारा 144 प्रभावी है, बावजूद इसके शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष रणजीत राय के नेतृत्व में शिक्षामित्रों ने जूनियर हाईस्कूल में धरना दिया और राज्य सरकार के विरुद्ध नारेबाजी भी की। धरने के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। यह कृत्य दंडनीय अपराध है। शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष रणजीत राय, संजय पांडेय, दयाराम मौर्य, अभय कुमार सिंह ब्लॉक अध्यक्ष खलीलाबाद ,बृजेश चौधरी बघौली, नितीश सिंह, हनुमान चौरसिया, रामसरन यादव, वीर बहादुर सिंह, उमाकांत मौर्य, मानसिंह और 500 अन्य शिक्षामित्रों पर केस दर्ज किया गया है।
पांच सौ विद्यालय रहे बंद
संतकबीरनगर। शिक्षा मित्रों के आंदोलन को प्राथमिक शिक्षक संघ समेत अन्य शिक्षक संगठनों ने समर्थन किया। गुरुवार के आंदोलन में शिक्षक संगठनों के समर्थन के चलते करीब पांच सौ विद्यालय बंद रहे। इसमें 350 स्कूल ऐसे हैं जहां समायोजित शिक्षामित्र ही स्कूल चला रहे हैं। ऐसे में बच्चे विद्यालय पर आए तो जरूर पर विद्यालय बंद होने की वजह से वापस लौट गए।
जिले में धारा 144 लागू
संतकबीरनगर। शिक्षामित्रों के आंदोलन और विभिन्न पर्वों के मद्देनजर जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही के निर्देश पर जिले में गुरुवार से धारा 144 लागू कर दी गई। जिलाधिकारी ने धारा 144 का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश उपजिलाधिकारियों व थानाध्यक्षों को दिया गया है। यह धारा अग्रिम आदेशों तक लागू रहेगी।