मेंहदावल। खनन पट्टा होने के बावजूद बालू के निर्धारित दर से अधिक मूल्य वसूला जा रहा है। शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। दूसरी तरफ बालू का मूल्य नियंत्रित नहीं होने से लोगों को घर बनाना और अन्य निर्माण कार्य महंगा पड़ रहा है।
ग्रामीण शंभू यादव, बैजनाथ यादव, बैजनाथ तिवारी, राम प्रकाश मिश्रा, वेद कुमार पांडेय, राजन पांडेय, सौरभ पांडेय, राजन सिंह, राघवेंद्र पांडेय का आरोप था कि ई-टेंडरिंग के तहत नौगों गांव के पास बालू खनन का पट्टा हुआ है। बालू ब्रिकी का जो मूल्य तय किया गया हैं, वह लगभग 131 रुपये 29 पैसे घन मीटर निर्धारित हैं। ऐसे में करीब तीन घन बालू एक ट्राली में आता है, खरीदने पर इसका मूल्य 393 रुपये 87 पैसे और प्रति ट्राली लोडिंग चार्ज 280 रुपये वसूलने का नियम है, लेकिन शासन के निर्देश व जिला प्रशासन के आदेश के विपरीत इस घाट पर ठेकेदारों द्वारा बालू खरीद करने वालों का खुलेआम शोषण किया जा रहा है। प्रति ट्राली ढाई हजार रुपये वसूली जा रही है, जो रसीद दी जा रही है, उस पर बालू का मूल्य अंकित नही किया जा रहा है। निर्धारित पट्टा क्षेत्र से अधिक क्षेत्र की खुदाई की जा रही हैं।
शासन ने जहां खनन क्षेत्र को माफियाओं से मुक्ति दिलाने के लिए यूपी इलेक्ट्रानिक कार्पोरेशन लिमिटेड को प्रदेश में भूतत्व एवं खनिज कर्म विभाग में ई-टेंडरिंग लागू किए जाने के लिए नोडल संस्था नामित किया था। जिसके पीछे सरकार की यह मंशा यह थी कि खनन बंद होने पर बालू के रेट आसमान छू रहे थे और लोगों को निर्माण कार्य कराना भारी हो गया था। उन्हें ई-टेंडरिंग के माध्यम से सस्ते मूल्य पर बालू उपलब्ध कराए जाएंगे, लेकिन यहां ऐसा नहीं हो पा रहा है। दूसरी तरफ बालू खनन व तटबंध मार्ग से ढुलाई के कारण बांध जर्जर हो रहा है। जिसको लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है।
संदीप सिंह, सौरभ पांडेय, विजय कुमार, अर्जुन यादव, सूर्य प्रकाश मिश्रा का आरोप था कि टेंडर में तय किए गये रेट से अधिक की वसूली नौगों बालू घाट पर किए जाने की शिकायत तहसील स्तर पर की गई थी ,लेकिन इस पर कोई अंकुश नहीं लग पा रहा है। तहसीलदार गणेश प्रसाद सिंह ने बताया कि नौंगो बालू घाट पर सरकारी मूल्य से अधिक बालू का मूल्य वसूलने का मामला संज्ञान में आया है। खनन विभाग से जानकारी लेकर अवैध वसूली बंद कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। शासन का निर्देश व जिला प्रशासन के आदेश पर सादा बालू का जो मूल्य निर्धारित किया ़गया हैं, उसके विपरीत वसूली कदापि नही होने दी जाएगी। डीएम मारकंडेय शाही ने बताया कि निर्धारित दर से अधिक मूल्य लिया जाना गंभीर विषय है। इसकी जांच कराएंगे। जांच में यदि मामला सही मिला तो उचित कार्रवाई भी होगी।