हाटा कोतवाली क्षेत्र में कैश वैन से हुई लूट का खुलासा करते एसपी राजीव नारायण मिश्र और साथ में मौजूद पुलिस के जवान तथा लुटेरे।
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कुशीनगर। 23 दिन पूर्व कुशीनगर जिले के हाटा कोतवाली क्षेत्र में रेडिएंट कंपनी के कैशवैन से हुई पूर्वांचल की सबसे बड़ी लूट का बुधवार को पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। घटना में शामिल तीन लुटेरों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद छितौनी चौराहे के पास गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से लूटी गई रकम में से 46,36,200 रुपये, दस लाख की जमीन रजिस्ट्री के कागजात, घटना में प्रयुक्त बोलेरो और दो पिस्टल, कारतूस बरामद हुए हैं। येे गोरखपुर, देवरिया और सीवान (बिहार) के रहने वाले हैं।
एसपी राजीव नारायण मिश्र ने पत्रकार वार्ता में बताया कि दस दिसंबर को हाटा कोतवाली क्षेत्र में रेडियंट कंपनी के कैशवैन से सशस्त्र बदमाशों ने फायरिंग कर 1.71 करोड़ रुपये लूट लिए थे। मामले के पर्दाफाश के लिए पांच टीमें और एसटीएफ भी लगी थी। सीसीटीवी फुटेज और सर्विंलास की मदद से लुटेरों को चिह्नित कर पुलिस उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी थी।
बुधवार को पुलिस टीम को सूचना मिली कि कैशवैन लूटकांड में शामिल बदमाश गोरखपुर से लूटी गई रकम लेकर सीवान ले जा रहे हैं। पुलिस ने छितौनी चौराहे पर घेराबंदी कर बोलेरो सवार तीन लुटेरों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उनकी पहचान सतीश जायसवाल निवासी लार चौक थाना लार जिला देवरिया, रामभवन निवासी जंगल धूसड़ थाना पिचराइच जिला गोरखपुर और नागेंद्र निवासी राजपुर थाना रघुनाथपुर जिला सीवान (बिहार) के रूप में हुई। इनके पास से 46,36,200 रुपये, दस लाख की जमीन की रजिस्ट्री के कागजात, लूट में प्रयुक्त बोलेरो और दो तमंचे व कारतूस बरामद किए गए।
बदमाशों ने बताया कि रेकी के बाद तीन अन्य साथियों के साथ वारदात को अंजाम दिया था। रामभवन ने लूट की रकम के बंटवारे में मदद की थी और नागेंद्र ने बोलेरो चालक की भूमिका निभाई थी। जबकि रामभवन का फरार भाई अच्छेलाल लूट भी घटना में शामिल था। दो बदमाश अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। उनमें से एक सीवान और दूसरा गोरखपुर का है।
उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम जुटी हुई है। पुलिस टीम को डीजीपी की ओर से पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की गई है। आईजी जय नारायण सिंह ने भी गिरफ्तारी करने वाली टीम को 25 हजार रुपये इनाम की घोषणा की है।