बाढ़ से राहत, बचाव की तैयारी पूरी
बाढ़ चौकियों पर पशुओं के इलाज की व्यवस्था की गई
सदर क्षेत्र की 7 बाढ़ चौकियों पर 66 कर्मचारी संभालेंगे व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले में 189.250 किमी लंबे बांधों की सुरक्षा व लोगों को बाढ़ से राहत व बचाव के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। ए व बी गैप बांध, लिंग बांध, नेपाल बांध, बसूली गाइड बांध, रामनगर ठूठीबारी बांध, नारायणी छितौनी बांध, बेलसर रिगौली बांध, टेढ़वा, नगवां, बंदेईया, भगवानपुर समेत अन्य सभी बांधों की मरम्मत करा लेने का दावा प्रशासन की ओर से किया जा रहा है। उधर, महाव समेत अन्य तटबंधों के आसपास बसे लोगों को चिंता है कि अगर नदी में पानी का दबाव बढ़ा तो तबाही हो सकती है। इस बीच प्रशासन की ओर से बाढ़ से बचाव व राहत की तैयारी पूरी कर ली गई है। बाढ़ आने पर पशुओं के इलाज के लिए बाढ़ चौकियां भी स्थापित की जा चुकी हैं।
सदर तहसील क्षेत्र की 7 बाढ़ चौकियों पर 66 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। बाढ़ चौकी सिंचाई डाक बंगला मुजुरी में 8 कर्मचारी, लक्ष्मीपुर में 12, स्वर्गीय हरिश्चंद्र लाल जूनियर हाई स्कूल डोमरा अकटहवा में 9 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। बाढ़ चौकी चेहरी में 10 कर्मचारी, प्राथमिक विद्यालय चौपरिया में 8 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। प्राथमिक विद्यालय बागापार बाढ़ चौकी पर 7, बाढ़ चौकी घुघली में 11 कर्मचारी तैनात हैं। इन सभी बाढ़ चौकियों पर पशुओं के इलाज की व्यवस्था की गई है। संबंधित क्षेत्र के पशु चिकित्सालय के डॉक्टरों समेत सभी कर्मचारी बचाव व राहत कार्य में जुटे रहेंगे। जिला प्रशासन की ओर से निर्देश है कि आपात स्थिति में बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मी बचाव व राहत कार्य बेहतर ढंग से करेंगे। इसी तरह फरेंदा तहसील क्षेत्र के 5 बाढ़ चौकियों पर 47 कर्मचारी, निचलौल क्षेत्र में 8 बाढ़ चौकियों पर 48 कर्मचारी और नौतनवां तहसील क्षेत्र में बनाई गई 6 बाढ़ चौकियों पर 21 कर्मचारियों की ड्यूूटी लगाई गई है। इन सभी बाढ़ चौकियों पर नजदीक के पशु चिकित्सकों की ड्यूटी लगी है, जो बाढ़ के समय पशुओं का इलाज करेंगे। बाढ़ चौकी पर पशु चिकित्साधिकारी, लेखपाल, एएनएम, ग्राम विकास अधिकारी एवं सिपाही की ड्यूटी लगाई गई है।
डीएम अमरनाथ उपाध्याय ने बताया कि बाढ़ से बचाव व राहत कार्य के इंतजाम पूरे कर लिए गए है। बांधों पर अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के साथ ही बाढ़ चौकियों स्थापित कर दी गई हैं। नाव समेत अन्य जरूरी इंतजाम किए गए हैं।