बस्ती। संत कुटीर आश्रम में गैगरेप मामले में बृहस्पतिवार को पीड़िताओं का मेडिकल परीक्षण कराया गया। शोषण की शिकार उन दोनों महिलाओं का कोर्ट में बयान भी दर्ज कराया गया, जिनकी शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। उधर, पुलिस ने आश्रम से जुडे़ लालगंज थाना क्षेत्र के सेल्हरा में भी दबिश दी, लेकिन वहां कुछ हासिल नहीं हो सका। तीसरी पीड़िता भी बृहस्पतिवार को कचहरी पहुंची, जिसका मुंबई के आश्रम में बंधक बनाकर कई दिनों तक रेप का आरोप है। एसपी संकल्प शर्मा का कहना है कि मुख्य आरोपी सच्चिदानन्द उर्फ दयानन्द और उसके शागिर्दों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं, जो लगातार दबिश दे रही हैं।
संत कुटीर आश्रम से साध्वियों को कभी अंबाला, कभी मुंबई, तो कभी दिल्ली के आश्रम में सत्संग के लिए भेजा जाता था। जहां उनका यौन शोषण होता था। उन्हें आश्रम के सदस्य और उनके खास मेहमानों के सामने पेश किया जाता था। मुंह खोलने पर परिवार वालों को जान से मारने की धमकी दी जाती थी। यह मामला मंगलवार को एकाएक सुर्खियों में तब आया जब वहां की कुछ युवतियों को मारपीट करने के बाद धक्के मारकर निकाल दिया गया। डरी-सहमी दोनों पीड़िताओं ने किसी तरह एसपी दफ्तर जाकर गुहार की। कोतवाल विजयेंद्र सिंह ने एसपी संकल्प शर्मा के निर्देश पर छह के विरुद्ध गैंगरेप व अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया है।
‘भाइयों ने बहन से लगवाया आरोप’
बस्ती। 17 दिसंबर रविवार को डीआईजी राकेश चंद्र साहू को एक प्रार्थना पत्र दिया गया। पत्र में सच्चिदानंद उर्फ दयानंद को गुरुजी बताते हुए उनके शिष्य चेतनानंद, विश्वासानंद, आदि ने सेल्हरा गांव के श्यामचंद उर्फ श्याम चंद उर्फ तपस्यानंद, उसके भाइयों पर गंभीर आरोप लगाया है। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि श्यामचंद आदि ने अपनी बहन को झूठा आरोप लगाकर फंसाने के लिए उकसाया है। पुलिस उस पत्र की प्रामाणिकता और उसमें लगाए आरोपों की छानबीन कर रही है।