बघौली। ब्लॉक प्रमुख बघौली इंद्रावती देवी के खिलाफ गुरुवार को अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। अविश्वास प्रस्ताव की बैठक और मतदान में कुल 104 में से 53 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने हिस्सा लिया। उपस्थित 53 सदस्यों ने प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर अपनी सहमति जताई। उसके बाद प्रमुख की कुर्सी छीन गई।
भाजपा नेता और क्षेत्र पंचायत सदस्य मनिराम यादव के नेतृत्व में तीन अगस्त को 104 में से 58 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने डीएम को शपथ पत्र देकर प्रमुख इंद्रावती देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की मांग की थी। डीएम ने 24 अगस्त की तिथि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और सदस्यों की बैठक के लिए तय की थी। उसी क्रम में गुरुवार को मध्याहन 12 बजे से डेढ़ बजे तक मनिराम यादव के नेतृत्व में 104 में से 53 सदस्य ब्लॉक मुख्यालय बघौली पर पहुंचे। मुख्यालय के सभागार कक्ष में सदर एसडीएम उमेशचंद्र निगम की अध्यक्षता में सदस्यों की बैठक हुई। जिसमें सदस्यों ने पहले चर्चा की और फिर मतदान हुआ। एसडीएम उमेशचंद्र निगम ने बताया कि बघौली ब्लॉक में कुल 104 सदस्य है। अविश्वास प्रस्ताव के लिए बुलाई गई बैठक में कुल 53 सदस्य उपस्थित हुए। इसमें 24 महिला और 29 पुरुष सदस्य शामिल थे। पहले सदस्यों के बीच चर्चा हुई। उन्हें मतदान की प्रक्रिया समझाई गई। उपस्थित सभी 53 सदस्यों ने प्रमुख इंद्रावती देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन दिया। अविश्वास प्रस्ताव के लिए नियमानुसार कुल सदस्यों में आधे से एक अधिक सदस्य होने चाहिए। प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का कोरम पूरा हुआ। अविश्वास प्रस्ताव के बाद प्रमुख का पद रिक्त माना जाएगा। आगे बताया कि डीएम के माध्यम से रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। सहयोग में तहसीलार अरविंद सिंह और नायब तहसीलदार आर के पांडेय भी मौजूद रहे। इधर भाजपा नेता एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य मनिराम यादव ने कहा कि प्रमुख इंद्रावती देवी की कार्य प्रणाली से नाराज सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पारित कराया है। ब्लॉक में व्याप्त भ्रष्टाचार को दूर कराने में जिन सदस्यों ने अविश्वास पर अपनी सहमति जताई है, उनका सम्मान बरकरार रखा जाएगा। क्षेत्र के जो अन्य सदस्य भी इस बैठक में उपस्थित नहीं हो पाए, उन्हें भी प्रमुख के होने वाले उप चुनाव में साथ लाए जाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
गेट के अंदर नहीं जा पाएं मीडिया कर्मी
प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की बैठक के दौरान कोई भी मीडिया कर्मी गेट के अंदर नहीं जा पाएं। सड़क पर ही आम व्यक्ति की तरह खड़े होकर समाचार का कवरेज किए। एसडीएम प्रफुल्ल त्रिपाठी और सीओ मेंहदावल बाहर घूम-घूम कर जायजा ले रहे थे। एसडीएम प्रफुल्ल त्रिपाठी के कड़े निर्देश की वजह से पुलिस कर्मियों ने मीडिया कर्मियों को गेट पर ही रोक दिया।
तीन थानों की पुलिस रही मौजूद
ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के दौरान किसी तरह की स्थिति से निपटने के लिए दुधारा, बखिरा और कोतवाली के पुलिस कर्मी लगाए गए थे। इसके अलावा एक प्लाटून पीएसी भी लगाई गई थी। महिला पुलिस कर्मियों के साथ करीब 12 सब इंस्पेक्टर लगे हुए थे। पुलिस की मुस्तैदी की वजह से शांतिपूर्ण माहौल में प्रक्रिया संपंन हुई। बाद में एडीएम एस एन शुक्ल ने भी मौके पर पहुंच कर जायजा लिया।