गोरखपुर। बाढ़ प्रभावित इलाकों में मदद को लेकर शहर के विभिन्न सामाजिक , व्यापारिक, और कर्मचारी संगठनों ने हाथ बढ़ाया है। इन संगठनों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर पीड़ितों के बीच राहत सामग्री का सोमवार को वितरण किया।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी के एनएसएस समन्वयक प्रो. शरद मिश्रा के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने बाढ़ ग्रस्त बहरामपुर में राहत सामग्री के साथ लंच पैकेट का वितरण किया। इस दौरान शिव प्रसाद शुक्ल, शशिकांत पांडेय, भीमसेन सिंह, सौरभ पांडेय आदि स्वयंसेवक शामिल थे। वहीं गल्लामंडी महेवा के व्यापारियों ने राहत सामग्री को एकत्र कर, नेपाल क्लब स्थित बाढ़ राहत केंद्र में जमा कराई। इस अवसर पर संजय सिंघानिया, जवाहर कसौधन, विजय अग्रवाल, भोला अग्रहरी, मदलाल अग्रहरि आदि शामिल थे। चेंबर ऑफ ट्रेडर्स की ओर 1000 लंच पैकेट, चना, भुजा, नमकीन के साथ अन्य राहत सामग्री बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजी गई। कार्यक्रम का नेतृत्व अध्यक्ष मनीष चांदवासियां और महामंत्री अनूप ने किया। राहत सामग्री को तैयार करने में किशोर अग्रवाल, कमलेश अग्रवाल, जगत जैसवाल, शैलेश अग्रहरी, आशोक जालान का योगदान रहा।
इसी कड़ी में व्यापार मंडल के अध्यक्ष सीतराम जायसवाल के नेतृत्व में सहजनवां में व्यवसायी पुरूषोत्तम अग्रवाल के आवास पर विधायक शीतल पांडेय की अध्यक्षता में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए दो हजार पैकेट भोजन और अन्य आवश्यक सामानों का वितरण किया गया। इस दौरान उमेश चंद मद्वेशिया, सत्य प्रकाश सिंह मुन्ना, गोपाल जायसवाल आदि शामिल थे। महात्मा गांधी इंटर कॉलेज की ओर से खाद्य सामग्री का वितरण प्रशासन और प्रेस क्लब के माध्यम से किया गया। प्रशासन की ओर से 300 पैकेट भोजन एवं पानी का पैकेट तथा प्रेसक्लब की ओर से 700 पैकेट बिस्कुट का वितरण बाढ़ पीड़ितों में किया गया। पटरी व्यवसायी संघ ने सेमरा देवी प्रसाद, और पथरा गांव में बाढ़ पीड़ितों में लंच पैकेट और अन्य राहत सामग्री पहुंचाई। पंडित राम कुमार जनकल्याण सेवा समिति की ओर से 100 घरों में बाढ़ पीड़ितो को राहत सामग्री का वितरण किया गया। इस दौरान अध्यक्ष जितेंद्र ओझा, अंकित आंनद, सुमन सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, कुलदीप तिवारी आदि मौजूद थे।
डीएम ने की मदद की अपील
डीएम राजीव रौतेला ने शहर के उद्यमी, व्यापारी, सरकारी और गैर सरकारी संगठन, स्वयं सेवी संगठनों ने मदद की अपील की है। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों तक लोग सीधे राहत सामग्री पहुंचा सकते हैं। जिला प्रशासन ने भी सामग्री भेजने के इंतजाम किए हैं। कलेक्ट्रेट में पूरा सेक्शन काम कर रहा है। जन सहभागिता से बाढ़ की विभीषिका से निपटा जा सकेगा।