कुशीनगर। गैंगरेप के मामले में गिरफ्तार बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व उनके साथी को पुलिस ने पूछताछ के बाद शुक्रवार को थाने से ही छोड़ दिया। मामला राजनीतिक दल से जुड़ा होने के चलते पुलिस भी एहतियात बरत रही है। घटना को पुलिस शुरू से ही संदिग्ध मान रही है।
कसया थाना क्षेत्र की एक महिला बृहस्पतिवार को थाने पहुंची और बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हरेंद्र गौतम समेत तीन लोगों पर गैंगरेप का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। कसया पुलिस ने केस दर्ज करते हुए पूर्व जिलाध्यक्ष व उनके एक सहयोगी को थाने बुला लिया। पहले इनकी गिरफ्तारी की बात कही जा रही थी, लेकिन बाद में पूछताछ में मामला संदेहास्पद मिलने के बाद थाने से ही छोड़ दिया गया। पूर्व जिलाध्यक्ष ने बताया कि था कि आरोप लगाने वाली महिला व एक आरोपी रिश्तेदार हैं। इनके बीच जमीन संबंधी विवाद है जिसके निपटारा के लिए पंचायत हुई थी। इसी नाराजगी से यह केस दर्ज कराया गया है। इस संबंध में एसओ गजेंद्र राय का कहना है कि मामला प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, इसी वजह से आरोपियों को पूछताछ के बाद थाने से छोड़ा गया है। मामले की जानकारी वरिष्ठ अफसरों को भी दी गई है।