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फिर खुलेगी फर्जी अनुमोदन कराने वाले शिक्षकों की फाइल

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गोरखपुर। स्ववित्तपोषित कॉलेजों के प्राचार्यों और शिक्षकों के भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। हाल ही में हुई शिकायत पर शासन ने इसके निर्देश दिए हैं। ऐसे में एक ही शिक्षक की ओर से कई कॉलेजों में फर्जी अनुमोदन कराने वाली फाइलों के फिर से खुलने के आसार बढ़ गए हैं। शासन के निर्देश के बाद गोरखपुर यूनिवर्सिटी और सिद्धार्थनगर यूनिवर्सिटी ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी है।
बीते दिनों शासन में एक ही शिक्षक द्वारा कई कॉलेजों में फर्जी तरीके से अनुमोदन कराने की शिकायत की गई थी। ऐसे में संयुक्तशिक्षा निदेशक की ओर से दोनों यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर निजी कॉलेजों में सेवारत शिक्षकों एवं प्राचार्यों का भौतिक सत्यापन कराते हुए रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।
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दो साल पहले का मामला
गोरखपुर यूनिवर्सिटी के तत्कालीन कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने कॉलेजों में फर्जी अनुमोदन का खेल उजागर किया था। सबसे पहले गृह विज्ञान विषय की पड़ताल हुई, जहां 20 महिला शिक्षक 54 कॉलेजों में अनुमोदित पाई गई थीं। इसके बाद समाजशास्त्र, हिंदी, राजनीतिशास्त्र, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान विषयों में भी ऐसे ही भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ था। जुलाई में प्रदेश सरकार ने भी इसका संज्ञान लेते हुए संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया था। हालांकि यूनिवर्सिटी ने एक भी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। कुछ माह बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
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