सिद्धार्थनगर। जर्जर बांधों की मरम्मत को लेकर प्रशासन की नींद तब खुली, जब मानसून दस्तक देने को है। ‘अमर उजाला’ की खबर के बाद शनिवार को प्रशासनिक अफसरों ने विभिन्न बंधों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान बंधों में काफी खामियां मिली। रैटहोल व रेन कट के रूप में दरारें देख अफसर चौंक गए। तत्काल विभागीय अफसरों को मरम्मत में तेजी लाने का निर्देश दिया है।
डीएम कुणाल सिल्कू ने शनिवार को सिंचाई निर्माण खंड व ड्रेनेज विभाग के तहत आने वाले बांधों का निरीक्षण किया। ग्राम सूपा राजा में बूढ़ी राप्ती नदी पर बने अशोगवा-नगवा बांध के उस हिस्से का जायजा लिया, जो पिछले वर्ष बाढ़ में टूट गया था। डीएम ने कटान स्थल पर कराए जा रहे कार्ये के बारे में जानकारी ली और दस दिनों के भीतर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। सिंचाई निर्माण खंड के कार्यक्षेत्र में आने वाले राप्ती नदी पर बने बांसी-पनघटिया बांध व उसके संवेदनशील कटानों का निरीक्षण किया। ग्राम भगौतापुर के पास मौजूद रेन कट व रैट होल को तत्काल भरे जाने का निर्देश दिया। डीएम ने अधिशासी अभियंता को नदियों में बरसात का पानी आने से पहले सभी तटबंधों को ठीक करने का निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
मरम्मत की सुस्त गति पर भड़के एसडीएम
इटवा। एसडीएम इटवा जुबेर बेग ने शनिवार को बूढ़ी राप्ती नदी पर बांधों का निरीक्षण किया। अशोगवा-मदरहवा बांध पर धीमी गति से हो कार्य पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने 20 जून तक बांध को दुरुस्त करने की हिदायत दी। तहसील क्षेत्र के उत्तर स्थित बूढ़ी राप्ती नदी मेें आने वाली बाढ़ से इस क्षेत्र के किसानों को हर वर्ष भारी तबाही झेलनी पड़ती है। एसडीएम एम.जुबेर बेग ने दलपतपुर, परसोहन, मूसा छगड़िहवा, सोनबरसा व अशोगवा-मदरहवा बांधों का निरीक्षण किया। इस दौरान वह अशोगवा मदरहवा को छोड़कर शेष बंधों पर हो रहे कार्यों पर संतोष जताते हुए, सभी अधूरे कार्यों को 20 जून तक पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिथिलता बरतने वालों पर कार्रवाई होगी। इस दौरान अवर अभियंता आरके मल ,सचिन श्रीवास्तव, अनिरुद्ध आदि विभागीय अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
सीडीओ ने लिया कटान स्थल का जायजा
उसका बाजार। विकास क्षेत्र के कूड़ा नदी पर कुकुरभुकवा कटान का निरीक्षण शनिवार को सीडीओ अनिल कुमार मिश्रा ने ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों के साथ किया। अतिसंवेदनशील माने जाने वाले इस कटान स्थाल से हर वर्ष बाढ़ के समय आस-पास के गांवों पर खतरा बना रहता है। तमाम प्रयासों के बाद भी इस कटान स्थल को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सका है। बाढ़ के समय विभाग यहां खानापूर्ति कर अपनी जिम्मेदारियां निभा लेता है और फिर स्थिति जस की तह हो जाती है। सीडीओं ने कटान स्थल का निरीक्षण करते हुए बड़ी बारीकी से वहां की स्थिति देखा और स्थानीय लोगों से बात की। मौके पर मौजूद ड्रेनेज विभाग के सहायक अभियंता आरएस यादव व जेई एमपी राय को उन्होंने हिदायत देते हुए कटान स्थल को पूरी तरह से सुरक्षित करने का निर्देश दिया।