घाटी में हुई हिंसा के बाद अमरनाथ यात्रा रोके जाने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई यात्री जरूरी सुविधाओं से वंचित हो गए हैं। इनमें गोरखपुर के यात्री भी शामिल हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ इंतजाम किए गए हैं, लेकिन वो नाकाफी साबित हो रहे हैं।
गोरखपुर से महासेवादार चैरिटेबल ट्रस्ट और शिव शक्ति सेवा मंडल की ओर से 38 यात्रियों का जत्था अमरनाथ के लिए कुछ दिन पहले रवाना हुआ था। शनिवार को जत्था जब बालटाल पहुंचा तभी घाटी के हालात बिगड़ गए। हिजबुल कमांडर आतंकी बुरहान के मारे जाने के विरोध में शनिवार को न सिर्फ पुलिस पर बल्कि अमरनाथ यात्रियों पर भी पत्थरबाजी की गई। इस वजह से घाटी में कर्फ्यू लगने के बाद अमरनाथ यात्रा रोक दी गई।
गोरखपुर से गया जत्था बालटाल में फंसा हुआ है। यात्रा प्रभारी किशोरी जायसवाल ने बताया कि शनिवार सुबह से 38 अमरनाथ यात्रियों का जत्था बालटाल में फंसा है। खाने-पीने का सामान तो उपलब्ध हो जा रहा है, लेकिन टेंट की कमी की वजह से परेशानी झेलनी पड़ रही है। शनिवार की रात खुले में बितानी पड़ी। दिनेश कुमार पंकज ने बताया कि इंटरनेट सेवा बंद होने से लोगों से संपर्क करने में भी मुश्किलें आ रही हैं। किसी तरह घर वाले फोन कर पूरे दिन अपने परिचितों की सुध लेते रहे।