बीएड काउन्सिलिंग के लिए प्रमाण पत्रों की जांच कराते छात्र-छात्राए।
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी से जुड़े महाविद्यालयों की बीएड सीटों को लेकर बनी उहापोह की स्थिति के बीच काउंसिलिंग सोमवार से शुरू हो गई। यूनिवर्सिटी के दो केंद्रों पर हुई काउंसिलिंग में पहले दिन कुल 334 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। फीस जमा करने के बाद सभी अभ्यर्थियों को लखनऊ यूनिवर्सिटी की ओर से ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) दे दिया गया है, जिसके जरिए वे कहीं से भी इंटरनेट का इस्तेमाल कर कॉलेज लॉक कर सकेंगे।
यूनिवर्सिटी के दो स्थानों मैनेजमेंट भवन और संवाद भवन को काउंसिलिंग केंद्र बनाया गया है। तय समय पर काउंसिलिंग शुरू हुई। लखनऊ यूनिवर्सिटी में बने मुख्य सेंटर से लिंक मिलते ही अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का ऑनलाइन सत्यापन किया गया। इसके बाद अभ्यर्थियों ने फीस जमा की। फीस जमा करते ही उनके मोबाइल फोन पर ओटीपी आने लगा, जिसकी मदद से वे कॉलेज चयन कर सकेंगे।
मैनेजमेंट भवन में काउंसिलिंग की प्रभारी डॉ. सुषमा पांडेय ने बताया कि सोमवार को कुल 186 अभ्यर्थियों ने काउंसिलिंग कराई। उधर संवाद भवन के प्रभारी डॉ. सुशील तिवारी के मुताबिक वहां 148 अभ्यर्थी ने काउंसिलिंग में शामिल हुए। पहले दिन 6500 रैंक तक के अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। मंगलवार को 6501 से 15000 रैंक तक अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग होगी।
बुकलेट में नहीं हैं यूनिवर्सिटी के कॉलेज
गोरखपुर यूनिवर्सिटी की ओर से कॉलेजों के नाम भेजे जाने में की गई देरी का नतीजा सोमवार को देखने को मिल गया। लखनऊ यूनिवर्सिटी की ओर से जारी बुकलेट में गोरखपुर यूनिवर्सिटी के किसी भी कॉलेज का नाम ही नहीं है। जाहिर है कि जब यह बुकलेट छपी होगी, उस समय यूनिवर्सिटी के कॉलेजों की सूची लखनऊ यूनिवर्सिटी तक नहीं पहुंची होगी। वैसे बुकलेट सोमवार की देर शाम पहुंच सका। इसके चलते पहले दिन काउंसिलिंग के लिए छात्रों को बुकलेट नहीं दी जा सकी।
कॉलेजों के नाम न होने से मंगलवार को भी अभ्यर्थियों को इसका कोई फायदा नहीं मिलने वाला। अभ्यर्थियों को ऑनलाइन ही कॉलेज चुनना होगा। गोरखपुर यूनिवर्सिटी के बीएड समन्वयक डॉ. एके तिवारी ने बताया कि देर शाम बुकलेट आया है, इसलिए उसका अध्ययन अभी नहीं किया जा सका है। अगर बुकलेट में कॉलेजों के नाम नहीं भी हैं तो ऑनलाइन वह दिखाई देंगे। ऐसे में विद्यार्थियों के सामने कोई समस्या नहीं आएगी।