गोरखपुर। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) एल वेंकटेश्वर लू ने कहा कि अब जनता को तय करना है कि उसे सभ्य जनप्रतिनिधि चाहिए या फिर असभ्य। चुनाव में नेताओं के बिगड़े बोल से संबंधित सवाल पर उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने गलत बोला है, उन सबको नोटिस देकर जवाब-तलब किया गया। केस भी दर्ज कराए गए हैं। मगर यह प्रजातंत्र है, राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को सोचना चाहिए कि वे क्या बोल रहे हैं। इसका समाज पर किस तरह का असर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि सुल्तानपुर से चुनाव लड़ रहीं सांसद मेनका गांधी को विवादित बोल पर नोटिस दिया गया है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने शनिवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन सभागार में गोरखपुर मंडल की छह लोकसभा सीटों की चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। कमिश्नर जयंत नार्लिकर, जिलाधिकारी की मौजूदगी में गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज और कुशीनगर की मतदाता सूची, मतदान केंद्र की जानकारी ली। इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पत्रकारों से बात की। कहा कि आयोग के साथ ही राजनीतिक दल भी असभ्य प्रत्याशियों को लेकर चिंतित हैं। इस पर विस्तृत चर्चा हुई है। राजनीतिक दलों का कहना है कि कई बार ऐसे प्रत्याशियों को जनता स्वीकार करती है, इसलिए टिकट देना पड़ता है। ऐसे में मतदाता की भूमिका बढ़ जाती है। मतदाता के ऊपर है कि वह सभ्य प्रत्याशी का चुनाव करे। रुपये और शराब के प्रलोभन से मतदाताओं को सतर्क रहना चाहिए। ऐसे मामले सामने आएं तो तत्काल पुलिस और प्रशासन अधिकारियों को सूचना दें। कोई अफसर भी अगर किसी दल या प्रत्याशी के पक्ष में मतदान का दबाव बनाए तो भी आयोग को जानकारी दी जानी चाहिए। दोषी पर कार्रवाई भी होगी।
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