गोरखपुर। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने आंदोलन का एलान कर दिया है। विहिप, बजरंदल सहित आरएसएस के तमाम अनुषांगिक संगठन अयोध्या, दिल्ली, बंगलूरू और नागपुर में बड़ी रैली करके राम मंदिर मुद्दे को धार देंगे। इसकी शुरूआत अयोध्या में 25 नवंबर से होगी। अन्य स्थानों में रैली की तारीख जल्द ही तय की जाएगी। इसके जरिए केंद्र सरकार पर कानून बनाने या फिर अध्यादेश लाने का दबाव बनाया जाएगा।
आरएसएस और उसके अनुषांगिक संगठनों की अखिल भारतीय कार्यकारिणी मंडल की बैठक 31 अक्तूबर, एक और दो नवंबर को नागपुर में हुई थी। इसमें प्रांत कार्यवाह और प्रांत प्रचारकों ने हिस्सा लिया। आरएसएस के 60 अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारी भी पहुंचे। सबकी मौजूदगी में राम मंदिर निर्माण का संकल्प दोहराया गया। साथ ही रैली करके मंदिर निर्माण के पक्ष में माहौल बनाने का फैसला हुआ। विहिप के मीडिया प्रभारी और बजरंग दल के प्रांत संयोजक दुर्गेश त्रिपाठी ने बताया कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हिंदू अस्मिता का प्रतीक है। जल्द ही राम मंदिर बनना चाहिए।
इसके लिए पहली रैली 25 नवंबर को अयोध्या में होगी, फिर दिल्ली, बंगलूरू और नागपुर में रैली करके मंदिर निर्माण के पक्ष में माहौल बनाने का काम किया जाएगा। केंद्र, यूपी में भाजपा की सरकार है। यदि मामले की सुनवाई कोर्ट जल्दी नहीं कर रही है तो सरकार कानून बनाए या फिर अध्यादेश लाकर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कराए।
अयोध्या में 11 नवंबर को बनेगी रणनीति
राम मंदिर के लिए आंदोलन की विस्तृत रणनीति भी अयोध्या में बनेगी। इसके लिए 11 नवंबर को आरएसएस और उसके अनुषांगिक संगठनों की बैठक अयोध्या में बुलाई गई है। इसमें 25 नवंबर को प्रस्तावित रैली की विस्तृत रूपरेखा तय की जाएगी। साथ ही आंदोलन से जन जन को जोड़ने की रणनीति बनेगी।