फागिंग न होने से राजीव नगर के लोग परेशान
बाग, बागीचे, झाड़-झंखाड़ के बीच मच्छरों व कीड़ों मकोंड़ों से डरते हैं लोग
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। वैसे तो नगर के वीआईपी मोहल्ले राजीव नगर में हरियाली खूब है लेकिन मच्छरों व कीट पतंगों की भरमार होने से लोग परेशान हैं। जगह - जगह जलभराव होने तथा मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। लोगों को मच्छर व जल जनित बीमारी होने का भय सताता रहता है।
राजीव नगर मोहल्ले में छोटे व बड़े कुल दस बाग बागीचे हैं। जलभराव वाला वार्ड होने के कारण जगह - जगह बड़े-बड़े घास व जंगली पौधे उग गए हैं। इससे इस मोहल्ले में मच्छर का प्रकोप बढ़ गया है। जलनिकासी की व्यवस्था न होने से लोगों को जलजनित बीमारी का भी भय सताता रहता है। व जल जलित बीमारियों का प्रकोप फैलने की आशंका बनी रहती है। इस वार्ड के लोग जहरीले सांपों से भी डरते हैं। वार्ड की स्थिति इतनी खराब होने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन की तरफ से इस वार्ड में कीटनाशकों का छिड़काव व फागिंग नहीं कराया गया है। लोगों को कीड़ों मकोड़ों व मच्छरों से बचाव के लिए अपने स्तर से व्यवस्था करनी पड़ती है। वार्ड में तैनात सफाई कर्मी अपनी ड्यूटी तो करते हैं, लेकिन इनकी संख्या कम होने के कारण वार्ड सभी जगहों पर नियमित सफाई नहीं हो पाती है। वार्ड सदस्य डॉक्टर सिद्धार्थ नाथ शुक्ला ने कहा कि राजीव नगर में नियमित छिड़काव व फागिंग कराने की व्यवस्था बनाई जा रही है। समय समय पर फागिंग व छिड़काव कराया भी जाता है।
मोहल्ले में रहने वाले कुलदीप कुमार का कहना है कि क्षेत्र में कीटनाशकों के छिड़काव व फागिंग की जरूरत है, लेकिन पालिका प्रशासन इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है।
संतोष कुमार कश्यप ने कहा कि कीटनाशकों का छिड़काव न होने की वजह से लोगों को हमेशा कीड़े मकोड़ों का डर सताता रहता है। इससे लोग परेशान हैं।
गिरिजेश कुमार ने कहा कि कभी - कभी नगर पालिका प्रशासन मुख्य सड़कों के किनारे कीटनाशकों का छिड़काव कराकर औपचारिकताएं पूरी कर लेता है। अंदर गलियों में न तो कीटनाशकों का छिड़काव होता है और न ही फागिंग कराई जाती है।
रमाशंकर प्रसाद ने कहा कि मोहल्ले में सड़कों व गलियों के किनारे खास उग आए हैं। जिन्हें दवा का छिड़काव कराकर जलाया जा सकता है, लेकिन पालिका प्रशासन वह भी नहीं कराता है।