कैपियरगंज ब्लॉक के कोल्हुआ ग्रामसभा के बरहटा टोले पर स्थित बूथ संख्या 300 से जुड़े मतदाताओं ने रविवार को मतदान के बहिष्कार का एलान कर दिया। इसकी जानकारी मिलने पर खलबली मच गई। मौके पर पहुंचे एसडीएम और भाजपा नेताओं ने मतदाताओं को समझाया। उसके बाद वे मतदान के लिए राजी हुए। करीब तीन घंटे तीस मिनट की देर से यहां मतदान शुरू हुआ।
यहां के मतदाताओं ने शनिवार को काला झंडा लगाकर मतदान के बहिष्कार की चेतावनी दी थी। तब सूचना पर पहुंची पुलिस ने झंडा उखाड़ फेंका था। रविवार को भी गांववालों ने मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। इससे 10 बजे तक इस बूथ पर एक भी मत नहीं पड़ सका। मामला तूल पकड़ा तो 10 बजे बूथ पर एसडीएम गजेंद्र कुमार सिंह, सेक्टर मजिस्ट्रेट एसडी तिवारी के साथ ही हिंदू युवा वाहिनी के अमित सिंह मोनू और जिला पंचायत के पूर्व सदस्य दिनेश सिंह तथा ग्राम प्रधान अवधेश मिश्र पहुंचे। करीब आधा घंटा तक गांववालों को मनाया गया। तब जाकर लोग मतदान के लिए राजी हुए। गांववालों ने अपनी समस्याओं संबंधित मांग पत्र एसडीएम और नेताओं को दिया। बदले में उन्हें शीघ्र समस्याओं के निदान का आश्वासन मिला। शाम को मतदान खत्म होने तक इस बूथ पर पंजीकृत 912 मतदाताओं में से 362 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।
वार्ड 13 में मतदाताओं ने किया प्रदर्शन
पादरीबाजार में नगर निगम के वार्ड 13 के लोगों ने नाली, सड़क आदि समस्याओं को लेकर मतदान के बहिष्कार की घोषणा करके प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे स्थानीय पार्षद अफरोज उर्फ गब्बर ने लोगों को समझाकर मतदान के लिए राजी कराया। लोगों का विरोध तीन घंटे तक चला। छह मार्च को यहां बैनर लगाकर कांशीपुरम, श्यामरेंद्र नगर, घोषीपुरवा, निषाद टोला और चौहान टोला के लोगों ने मतदान के बहिष्कार की घोषणा की थी। इसी क्रम में रविवार को लोग मतदान की जगह धरने पर बैठ गए थे।