बीआरडी मेडिकल कॉलेज के इंसेफेलाइटिस वार्ड में सोमवार देर रात इलाज के दौरान मासूम की मौत से नाराज घर वालों ने जमकर हंगामा किया। मासूम की मौत के पीछे डॉक्टरों की लापरवाही को दोषी बताते हुए हंगामा कर रहे तीमारदार पुलिस के समझाने पर शांत हुए।
देवरिया के लार क्षेत्र के इटौरा निवासी संतोष यादव की छह वर्षीय पुत्री संध्या को घर वालों ने 28 अक्टूबर को इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। सोमवार रात लगभग 1:30 बजे उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत के बाद घर वाले डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उलझ गए। उनके साथ वार्ड में भर्ती दूसरे मरीजों के तीमारदार भी जुट गए। विवाद बढ़ता देख किसी ने गुलरिहा थाने पर सूचना दे दी। थाना प्रभारी ओमहरि बाजपेयी ने मौके पर पहुंचकर हंगामा शांत कराया। पुलिस के समझाने पर घरवाले शव लेकर घर चले गए।
इंसेफेलाइटिस से तीन की मौत
इंसेफेलाइटिस से 24 घंटे में तीन और मरीजों की मौत हो गई। वहीं इस बीच 12 नए मरीज भर्ती भी हुए। इनमें गोरखपुर से एक, कुशीनगर से पांच, महराजगंज से दो, बिहार से तीन और सिद्धार्थनगर से एक मरीज है। इंसेफेलाइटिस वार्ड में दम तोड़ने वालों में कुशीनगर की मुशा, देवरिया की संध्या व खुशी शामिल हैं। इसके साथ ही इस साल हुई मौतों का आंकड़ा बढ़कर 394 पहुंच गया। बीआरडी में इस वर्ष अब तक 1840 मरीज भर्ती हुए। इनमें 100 मरीजों का इलाज अभी वार्ड में चल रहा है।