संतकबीरनगर। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम की डांट से अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) का ब्लड प्रेशर बढ़ गया। उन्हें उपचार के बाद आवास पर भेज दिया गया। वहीं नौ ब्लॉकों के सीएचसी और पीएचसी पर तैनात चिकित्सा अधीक्षक और प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों ने बैठक समाप्त होने के बाद सीएमओ को पत्र देकर पद से कार्य मुक्त करने की मांग की।
चिकित्सकों का आरोप है कि डीएम ने बैठक में काफी कड़ा रुख अख्तियार किया। उनके निर्देश का तरीका काफी खराब था। डांट की वजह से अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर कपिल मुनि मिश्रा का ब्लड प्रेशर बढ़ गया। जिन्हें बैठक से बाहर ले जाकर उपचार के बाद आवास पर छोड़ा गया। डीएम द्वारा कार्रवाई की दी गई चेतावनी से चिकित्सकों में नाराजगी है।
इससे नाराज सीएचसी और पीएचसी पर तैनात डॉक्टर निहालुद्दीन, डॉक्टर वेद प्रकाश पांडेय, डॉक्टर इंद्रदेव गौरव, डॉक्टर उमेश चंद्रा, डॉक्टर जगदीश पटेल, डॉक्टर विमल द्विवेदी, डॉक्टर यासिर खान और डॉक्टर ए के सिंह ने अपने पद से कार्य मुक्त किए जाने के संबंध में सीएमओ को पत्र दिया।
वहीं प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के वित्त सचिव डॉक्टर एके सिंह ने कहा कि डीएम के रवैये से डॉक्टरों में रोष व्याप्त है। इस मामले में शनिवार को बैठक होगी। मामले को केंद्रीय कार्यकारिणी के संज्ञान में भी लाया जाएगा। उसके बाद जैसा दिशा निर्देश मिलेगा, वैसी रणनीति तय की जाएगी। वहीं सीएमओ डॉक्टर आनंद प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि यह सच है कि नौ ब्लॉकों के स्वास्थ्य केंद्रोें पर तैनात प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों एवं चिकित्सा अधीक्षकों ने खुद को कार्य मुक्त किए जाने के संबंध में पत्र दिया है। पद से कार्य मुक्त किए जाने की वजह डीएम के व्यवहार से आहत होना बताया है। इस मामले में डीएम और चिकित्सा अधीक्षकों से वार्ता कर सामंजस्य स्थापित किया जाएगा।
स्वास्थ्य समिति की बैठक में गुस्साए डीएम
संतकबीरनगर।जिला स्वास्थ्य समिति और डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स की बैठक शुक्रवार को हुई। इसमें डीएम मार्कंडेय शाही ने जनपद में जेई/एईएस व अन्य कारणों से मृत्यु के मामलों में मुआवजे की कार्रवाई लंबित होने पर अपर सीएमओ डॉक्टर कपिलमुनि मिश्र को फटकारा। इसके साथ ही निलंबन हेतु शासन को पत्र लिखने का निर्देश सीएमओ डॉक्टर आनंद प्रकाश श्रीवास्तव को दिया।
इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर आशा कार्यकर्ताओं के विरुद्ध चेतावनी और प्रभारी एमओआईसी पर कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में पाया गया कि गत चुनाव में जनपद में 174 ग्राम पंचायतें बढ़ी हैं लेकिन उसे अभी पोर्टल पर नही चढ़ाया गया है। 11 ग्राम पंचायतों में अभी खाते भी नहीं खुले हैं। इस पर जिलाधिकारी ने सीएमओ व लेखाधिकारी पर कार्रवाई के निर्देश दिए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बघौली में तैनात ऑपरेटर की कार्यशैली ठीक न होने के कारण सेवा समाप्त किये जाने, बेलहर, हैंसर, खलीलाबाद और सांथा को छोड़कर अन्य स्वास्थ्य केंद्रोें पर तैनात कंप्यूटर आपरेटर को नोटिस जारी किये जाने के निर्देश दिए। छह आशा कार्यकर्ताओं का कार्य ठीक नहीं होने पर इन पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में संतोषजनक उत्तर न प्राप्त होने पर रोष प्रकट करते हुए डीएम ने पुन: बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। जननी सुरक्षा योजना, आशाओं के भुगतान, रोगी कल्याण समितियों की बैठक की जानकारी, जेई टीकाकरण, मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग, आरबीएसके कार्यक्रम तथा जनपद में अन्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कहा कि बैठक में आये सभी लोग अगर अपने कार्य प्रणाली में सुधार नहीं करते है तो इसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे। इस बैठक में बीएसए अजीत कुमार, लाल जी शुक्ल आदि लोग उपस्थित रहे।