रविवार को ईद का चांद निकलने के साथ शहर में रौनक छा गई। रात रतजगे में बीती। अल सुबह ईद की नमाज के लिए लोग तैयार होने लगे। बच्चों को मां-बाप ने खूब सजाया संवारा। बेहतरीन लिबास पहनकर बच्चों की खुशी का तो कोई ठिकाना नहीं रहा। बच्चों के साथ बड़ों ने नए कपडे़ पहने। इत्र लगाया। सरों पर टोपी सजाई। हाथ में जानमाज ली। नन्हें मुन्नों को लिया और ईदगाहों की ओर चल पडे़। रंग बिरंगी, सफेद पोशाकों से हर जगह एक नूरानी शमां नजर आ रहा था। तेज धूप भी अकीदतमंदों के हौसलों को पस्त करने में नाकाम रही। शहर की सात ईदगाहों व करीब पांच दर्जन से अधिक मस्जिदों में सुबह से ही नमाजियों का हुजूम उमड़ पड़ा। ईद की नमाज के वक्त तक ईदगाह व मस्जिदों के आसपास की सड़कों पर नमाजियों की कतारें लग गईं।
सोमवार को तय वक्त पर शहर के विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में ईद उल फि त्र की नमाज अकीदत व एहतराम के साथ अदा की गई। ईद का खुत्बा सुना गया। मुल्कों मिल्लत भाईचारा, एकता की दुआएं मांगी। खुदा का शुक्रिया अदा किया। रोजा, नमाज, तरावीह, सदका ए फित्र, जकात, नेक काम की रब की बारगाह में कुबूलियत की दुआएं की। म्यांमार, फिलिस्तीन सहित देश दुनिया में मुसलमानों पर हो रहे जुल्म के खिलाफ खुदा से गैबी मदद की दरख्वास्त की गई। इसके बाद शुरू हुई ईद मुबारक की सदाएं। छोटे से लेकर बड़ों ने लोगों को एक दूसरे को बधाइयां देनी शुरू की। इसी के साथ ईदी भी बंटनी शुरू हुई। किसी को ईदी में पैसे मिले तो किसी को तोहफे। ईदी पाने के बाद बच्चे बेहद खुश नजर आए। अपना मनपसंद सामान खरीदा। हर ईदगाह व मस्जिदों के पास मेले जैसे माहौल नजर आया। खुदा का फैज लेकर लोग घर वापस लौटे और फिर जनाब मेहमान नवाजी का दौर शुरू। मीठी सेवइयों के साथ लजीज व्यंजनों का सभी ने लुत्फ उठाया। सारा दिन खुशियों के नाम रहा। लोग एक दूसरे के घर आते और जाते रहे।
नार्मल स्थित ईदगाह मुबारक खां शहीद के इमाम व खतीब हजरत मौलाना फैजुल्लाह कादरी, ईदगाह फ तेहपुर मेडिकल कालेज में मौलाना फ खरुद्दीन, ईदगाह बेनीगंज में हकीम जुनेद आलम, ईदगाह पुलिस लाइन में कारी मोहम्मद साबिर, चिलमापुर ईदगाह में मुफ्ती वलीउल्लाह, सब्जपोश मस्जिद जाफरा बाजार में हाफि ज रहमत अली, गौसिया जामा मस्जिद में मौलाना मोहम्मद अहमद, रहमतनगर जामा मस्जिद में मौलाना अली अहमद, ईदगाह सेहरा बाले मैदान में हाफिज अब्दुल हक, खादिम हुसैन मस्जिद में हाफिज अफजल बरकाती, मस्जिद हसनैन घासीकटरा में हाफिज रज्जब अली आदि ने तकरीर की।
गरीबों को बांटी जकात
ईद उल फि त्र की नमाज से पहले लोगों ने सदका ए फि त्रा अदा किया। लोगों ने ईदगाहों व मस्जिदों के बाहर गरीबों में फि त्रा व जकात की रकम अदा की। नवजवानों ने मुस्लिम बाहुल्य मोहल्लों को रंग बिरंगे झंडियों से सजाया था। इसके अलावा तमाम तरह की गुब्बारों व खिलौनों की दुकानों पर बच्चों का हुजूम उमड़ पड़ा। ईद की खुशियों में आधी आबादी भी आगे रही। रमजान में जिस तरह अपने कर्तव्यों को बखूबी अंजाम दिया, उसी तरह ईद की खुशियों में चार लगाने में वह दिलोजान से लगी रहीं।
दरगाहों पर हुजूम उमड़ पड़ा
ईदगाहों व मस्जिदों में ईद उल फि त्र की नमाज के बाद शहर के कब्रिस्तानों व दरगाहों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोगों ने जियारत कर दुआएं की। नार्मल स्थित दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद, धर्मशाला स्थित नक्को शाह बाबा आदि दरगाहों पर फातिहा पढ़ने वालों की काफ ी भीड़ जुटी।
यहां अदा की गई नमाज
हजरत मुबारक खां शहीद अलैहिर्रहमां नार्मल, पुलिस लाइन, फ तेहपुर मेडिकल कालेज, बेनीगंज, इमामबाड़ा स्टेट, सेहरा बाले का मैदान, चिलमापुर, जामा मस्जिद रहमतनगर, मस्जिद खादिम हुसैन तिवारीपुर, गौसिया जामा मस्जिद छोटे काजीपुर, रसूलपुर जामा मस्जिद, मदीना मस्जिद रेती चौक, शाही जामा मस्जिद उर्दू बाजार, सब्जपोश मस्जिद जाफ रा बाजार, मस्जिद दारोगा अफ गानहाता, मस्जिद अबू बाजार ऊंचवा, मस्जिद सुभानिया तकिया कवलदह, नूरानी मस्जिद कामरेड नगर, मोती मस्जिद रसूलपुर दशहरी बाग, शाही मस्जिद तकिया कवलदह, मस्जिद सौदागार, जाहिदाबाद मस्जिद, वजीराबाद कालोनी मस्जिद, मस्जिद अनवारे मुस्तफ ा जटेपुर उत्तरी, मस्जिद नौरंगाबाद, हसनैन मस्जिद यतीमखाना घासीकटरा, मस्जिद औलादे अली निकट डॉ. मल्ल बक्शीपुर।