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पेन-पेपर लेस होंगे सूबे के 27 अस्पताल

Sun, 17 Dec 2017 01:56 AM IST
आशुतोष मिश्र, अमर उजाला, गोरखपुर।
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अस्पताल
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जिला अस्पताल में जल्द ही ओपीडी रजिस्ट्रेशन से लेकर वार्डों में भर्ती मरीजों का ब्यौरा तक ऑनलाइन होगा। माउस पर क्लिक करते ही ओपीडी, इंडोर, कैश काउंटर आदि से जुड़ी जानकारी कंप्यूटर स्क्रीन पर होगी। नई व्यवस्था से न सिर्फ मरीजों को सहूलियत मिलेगी, बल्कि अफसर भी आसानी से अस्पताल की मॉनीटरिंग कर सकेंगे। यह सब होगा ई-हॉस्पिटल प्रोजेक्ट से। शासन ने सूबे के 27 अस्पतालों को इसके लिए चुना है। इनमें गोरखपुर और बस्ती जिला अस्पताल भी शामिल हैं।
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ई-हॉस्पिटल प्रोजेक्ट लागू होने के बाद ओपीडी की पर्ची ऑनलाइन बनेगी। इससे समय की बचत होगी। मरीज और तीमारदार को इलाज या जांच के लिए रकम जमा करने की खातिर कैश काउंटर तक नहीं दौड़ना होगा, बल्कि रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर वह खुद ऑनलाइन शुल्क जमा कर सकेगा। वार्डों में ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मचारी या चिकित्सक एक क्लिक से भर्ती मरीज का पूरा ब्यौरा जान सकेंगे। उसे कौन-कौन सी दवाएं दी गईं और डॉक्टर ने क्या निर्देश दिए, ऑनलाइन देखा जा सकेगा। नई व्यवस्था में मरीज को डिस्चार्ज लेटर के लिए भी इंतजार नहीं करना होगा। ओपीडी रजिस्ट्रेशन, इंडोर और कैश काउंटर आपस में ऑनलाइन जुड़ जाने से एक क्लिक पर ही डिस्चार्ज लेटर तैयार हो जाएगा। सभी मंडलीय जिला अस्पतालों के साथ कुछ बड़े शहरों के जिला अस्पतालों का चयन इस परियोजना में किया गया है।

गुरुवार को शासन ने 27 जिला अस्पतालों के प्रमुख अधीक्षकों की बैठक बुलाई थी। इसमें ई-हॉस्पिटल प्रोजेक्ट के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। नए साल में अस्पताल में यह व्यवस्था लागू करने के लिए कहा गया है। इसके शुरू होने के बाद समय और श्रम की बचत होगी। मरीजों को भी सहूलियत मिलेगी। 
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: डॉ. आरके गुप्ता, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल 

नए साल में ये अस्पताल होंगे ‘ई-हॉस्पिटल’ से लैस
लखनऊ में राम मनोहर लोहिया अस्पताल समेत दो अन्य अस्पताल ई-हॉस्पिटल प्रोजेक्ट से लैस हो चुके हैं। अब हजरतगंज के अवंत‌िबाई अस्पताल को पेन-पेपरलेस बनाने की कवायद शुरू हुई है। सभी मंडलीय चिकित्सालयों के अलावा कुछ बड़े शहर जैसे अलीगढ़, नोएडा आदि के जिला अस्पताल भी इस सूची में शामिल हैं। इसके साथ ही वाराणसी, गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़, बरेली, मुरादाबाद, कानपुर, श्रावस्ती, फैजाबाद, आगरा, झांसी, चित्रकूट आदि सभी मंडलीय चिकित्सालयों में नए साल से पेन-पेपरलेस वर्किंग शुरू करने पर शासन का जोर है।
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