222 गांवों में बढ़ेगा जीडीए का दायरा, फिर शुरू हुई तैयारी
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद एक बार फिर गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अपने सीमा विस्तार को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि प्राधिकरण को इसमें बहुत कसरत नहीं करनी पड़ेगी।
तत्कालीन डीएम व प्राधिकरण के प्रभारी उपाध्यक्ष रवि कुमार एनजी ने करीब पांच साल पहले ही बढ़ती हुई आबादी के मुताबिक प्राधिकरण के सीमा विस्तार पर जोर दिया था। उसी समय इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई थी। प्राधिकरण के वर्तमान सीमा के चारों तरफ 222 गांवों तक जीडीए अपना दायरा बढ़ाएगा। सीमा विस्तार को लेकर जीडीए ने रूपरेखा भी तैयार कर ली थी। सोमवार को जीडीए अफसरों ने पुरानी तैयारियों के आधार पर ही अभ्यास किया।
प्राधिकरण का कहना है कि महायोजना-2031 के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके तहत अगले 20 वर्षों में शहर के नियोजित विकास की रूपरेखा तैयार करने के साथ ही सीमा विस्तार का भी काम होना पहले से तय था। यही नहीं इस महायोजना की ही वजह से लंबे समय से लटके 1700 एकड़ क्षेत्र के भी नियमित होने के आसार हैं।
इस अवैध क्षेत्र में हजारों की संख्या में निर्माण तो हो गए हैं मगर अभी तक उनका मानचित्र नहीं स्वीकृत हो सका है। इसके लिए समय-समय पर कई बार प्राधिकरण ने शासन को प्रस्ताव भेजा मगर सुनवाई नहीं हो सकी। यह क्षेत्र नियमित होता है तो बड़ी संख्या में लोगों को लाभ तो मिलेगा ही प्राधिकरण की भी अच्छी कमाई होगी। ग्रीन लैंड के मामले में भी निर्णय होगा।
लैंड बैंक की किल्लत दूर होगी, गांव चमकेंगे
जीडीए वर्तमान में लैंड बैंक की समस्या से भी जूझ रहा है। प्राधिकरण की खोराबार में करीब पौने दो सौ एकड़ जमीन में से ज्यादातर हिस्से पर वर्षों से अवैध कब्जा है तो मानबेला की करीब ढाई सौ एकड़ जमीन में से 56 एकड़ में राप्तीनगर आवासीय विस्तार योजना और करीब 30 एकड़ में पीएम और पत्रकारपुरम योजना संचालित है।
इसके अलावा जीडीए के पास कहीं एकमुश्त बड़े क्षेत्रफ ल की जमीन नहीं है। प्राधिकरण का दायरा बढ़ने से लैंड बैंक भी बढ़ेगा। यही नहीं जो 222 गांव प्राधिकरण की सीमा में लाए जाएंगे, उनकी सूरत तो बदल ही जाएगी। प्राधिकरण को भी मानचित्र स्वीकृति आदि से करोड़ों की आय होगी।
नोटिफिकेशन कर बढ़ाया जाएगा दायरा: सचिव
जीडीए सचिव राम सिंह गौतम का कहना है कि जनसंख्या बढ़ने की वजह से शहर का दायरा भी दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। ऐसे में अगर प्राधिकरण ने भी समय पर सीमा विस्तार नहीं किया तो वहां बेतरतीब विकास हो जाएगा। जिसे बाद में सही कर पाना मुश्किल होगा। प्राधिकरण का दायरा बढ़ाने को लेकर पहले से तैयारी थी। 222 गांवों की सूची तैयार की गई है जहां तक प्राधिकरण का सीमा विस्तार होना है। उन्होंने बताया कि इनका नोटिफिकेशन कर जल्द प्राधिकरण की सीमा बढ़ा दी जाएगी।
जीडीए एक नजर में
पांच जनवरी 1977 को हुई प्राधिकरण की स्थापना
42449.48 हेक्टेयर में फैला है जीडीए का दायरा
13 मार्च 1980 को लागू हुई गोरखपुर महायोजना 1981- 2001
महायोजना 2021 के लिए दो नवंबर 2007 को मिला शासन से अनुमोदन
पांच नवंबर 2011 से प्रभावी हुई महायोजना 2021
2021 महायोजना के मुताबिक प्राधिकरण के दायरे में 10765.93 हेक्टेयर में और विस्तार प्रस्तावित था