गोरखपुर। भाजपा गोरखपुर क्षेत्र के दो सांसदों के टिकट कटे हैं। कुशीनगर से सांसद राजेश पांडेय की जगह खड्डा विधानसभा क्षेत्र से 2012 में कांग्रेस विधायक रहे विजय दुबे को टिकट मिला है। विजय की क्षेत्र में अच्छी पकड़ बताई जाती है। वहीं, बलिया से सांसद भरत सिंह की जगह वीरेंद्र सिंह मस्त को टिकट दिया गया है। वीरेंद्र भदोही से सांसद हैं। भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वीरेंद्र को गोरखपुर में किसान सम्मेलन के सफल आयोजन का इनाम मिला है। 24 फरवरी के सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हिस्सा लिया था। गोरखपुर से ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरूआत हुई थी। पहले कहा जा रहा था कि वीरेंद्र को भदोही से टिकट नहीं दिया जाएगा लेकिन कहीं और से मिलेगा इस पर संशय था।
गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल में 13 लोकसभा सीटें हैं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने आजमगढ़ को छोड़कर इस क्षेत्र की 12 सीटों पर जीत दर्ज की थी। पार्टी की मंशा इस बार भी पुराना इतिहास दोहराने की है। इसी वजह से दो सांसदों के टिकट काटे गए हैं। कुशीनगर में कांग्रेस से आए विजय दुबे पर दांव लगाया गया है। इस सीट से कांग्रेस ने आरपीएन सिंह को प्रत्याशी बनाया है। पिछले चुनाव में भी मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच हुआ था।
भाजपा ने अभी क्षेत्र के छह लोकसभा सीटों के प्रत्याशी तय होने हैं।
कुछ और सांसदों का टिकट काटा जा सकता है। इससे सांसद सशंकित भी हैं। हालांकि पार्टी ने बस्ती से सांसद हरीश द्विवेदी, गोरखपुर के बांसगांव (सुरक्षित) से सांसद कमलेश पासवान, सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज से सांसद जगदंबिका पाल, महराजगंज से सांसद पंकज चौधरी और देवरिया की सलेमपुर से सांसद रवींद्र कुशवाहा पर पार्टी ने दोबारा भरोसा जताया है। बस्ती से सांसद हरीश द्विवेदी ने 2014 में चुनाव जीता जरूर था लेकिन जीत का अंतर बहुत ज्यादा नहीं था। यदि 2014 में सपा और बसपा मिलकर लड़ते तो भाजपा प्रत्याशी को दिक्कत हो सकती थी। भाजपा को जहां 34.11 फीसदी मत मिले थे। सपा प्रत्याशी बृज किशोर सिंह को 30.91 फीसदी तो बसपा प्रत्याशी राम प्रसाद चौधरी को 27.06 फीसदी मत प्राप्त हुए थे। इस बार दोनों राजनीतिक दलों के बीच गठबंधन है। इस सीट से बसपा प्रत्याशी चुनाव मैदान में होगा।
गोरखपुर सहित छह सीटों पर नहीं खोले पत्ते
भाजपा गोरखपुर क्षेत्र की छह लोकसभा सीटों पर अभी प्रत्याशी नहीं उतारे गए हैं। इसमें गोरखपुर शहर संसदीय सीट भी शामिल है। संतकबीरनगर में जूता कांड के बाद सांसद शरद त्रिपाठी को टिकट मिलने पर संशय जताया जा रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि विधायक को जूते से पीटने के बाद सांसद का छवि खराब हुई है। इससे पार्टी आलाकमान चिंतित है। शरद त्रिपाठी को किसी दूसरी सीट से भी चुनाव लड़ाया जा सकता है। देवरिया से वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र सांसद हैं लेकिन वह चुनाव लड़ेंगे, इस पर अभी तक संशय बना है। पार्टी ने टिकट भी नहीं जारी किया। भाजपा गोरखपुर क्षेत्र की आजमगढ़, लालगंज (सुरक्षित) और घोसी (मऊ) संसदीय सीट के प्रत्याशियों के नामों का एलान भी नहीं हुआ है।