आजमगढ़। पुलिस भर्ती परीक्षा में दो पालियों में हुई परीक्षा में दो अलग-अलग अभ्यर्थियों के स्थान पर बैठकर परीक्षा देने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर वे दोनों युवक भी पकड़ लिए गए जो अपने स्थान पर परीक्षा दिलवा रहे थे। दो-दो लाख रुपये में पूरा सौदा तय हुआ था। 60-60 हजार रुपये एडवांस मिले थे। पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार तीनों आरोपियों का चालान कर दिया और इनके चौथे साथी की तलाश में जुटी है।
एसपी बबलू कुमार के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में गोरखपुर के पिपराइच थाने के लखेसरा गांव निवासी ऋषिमुनी, इसी गांव के सत्यप्रकाश और बिहार के भागलपुर जिले के खरिक थाने के खैरपुर गांव निवासी अनिल कुमार यादव हैं। एसपी के मुताबिक ऋषिमुनी पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन किया था। उसका सेंटर सिधारी थाने के चंडेश्वर गांव में स्थित दुर्गाजी पीजी कॉलेज में था। सोमवार को परीक्षा के दूसरे दिन दूसरी पाली में ऋषिमुनी के स्थान पर अनिल कुमार यादव परीक्षा दे रहा था। शक होने पर कॉलेज के प्रयोगशाला सहायक अरविंद राव ने उसे पकड़ा। जांच के दौरान पता चला कि अनिल कुमार ऋषिमुनी के स्थान पर परीक्षा देने के लिए उसके प्रवेश पत्र पर अपनी फोटो, फर्जी तरीके से आधार कार्ड आदि बनवाया था। पूछताछ के दौरान अनिल ने ऋषिमुनी के स्थान पर परीक्षा देने की बात कबूली।
साथ ही यह भी बताया कि इससे पहले वह पहली पाली में शहर के एसबीएस इंटर कालेज में सत्यप्रकाश के स्थान पर बैठकर परीक्षा दे चुका है। एसपी के मुताबिक तीनों में किसी युवक ने समझौता कराया था। जिसके तहत परीक्षा देने के बदले ऋषिमुनी और सत्यप्रकाश को दो-दो लाख रुपये देना था। एडवांस के तौर पर इन दोनों ने अनिल कुमार को 1.20 लाख रुपये दे चुके हैं। शेष रकम परीक्षा संपन्न होने के बाद दी जानी थी। एसपी के मुताबिक तलाशी के दौरान अनिल के पास से पांच सौ रुपये, फर्जी आधार कार्ड, प्रवेश पत्र, प्रश्न पुस्तिका आदि बरामद हुए। पुलिस फरार चौथे आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।