गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय की शैक्षिक सत्र 2017-18 की परीक्षा में सामूहिक नकल कराने वाले 15 केंद्रों को काली सूची में डाल दिया गया है। इन केंद्रों को आगामी परीक्षा (2018-19) के दौरान केंद्र नहीं बनाया जाएगा। संबंधित केंद्राध्यक्षों को भी परीक्षा से दूर रखने का फैसला हुआ है। हालांकि सामूहिक नकल में फंसे परीक्षा केंद्रों की सूची नहीं जारी की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि सोमवार तक सूची जारी होगी।
विश्वविद्यालय परीक्षा समिति की बैठक कुलपति प्रो. वीके सिंह की अध्यक्षता में हुई। गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर के 54 कॉलेजों पर सामूहिक नकल के आरोप लगाए गए। कहा गया कि इन कॉलेजों के करीब 10 हजार विद्यार्थियों ने 41 परीक्षा केंद्रों पर पेपर दिए हैं। 155 प्रश्नपत्रों की परीक्षा के दौरान नकल कराई गई हैं। इसका अध्ययन अन फेयर मींस (यूएफएम) कमेटी ने किया, फिर रिपोर्ट बनाकर परीक्षा समिति दी। अब कुलपति की अध्यक्षता वाली समिति ने कार्रवाई पर मुहर लगा दी है।
तीन हजार विद्यार्थियों के 30-30 फीसदी मार्क्स काटे
परीक्षा समिति के मुताबिक 23 प्रश्नपत्रों की परीक्षा में नकल कराने का मामला सही मिला है। इससे संबंधित 20 कॉलेजों की परीक्षा 15 केंद्रों पर कराई गई थी। अब केंद्रों को काली सूची में डालने के साथ ही करीब तीन हजार विद्यार्थियों के 30-30 फीसदी मार्क्स काटे गए हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि नकल में आरोपित कॉलेजों और उनके विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद रोक गए रिजल्ट को जारी करने का आदेश पारित हो गया है। जल्द ही सभी विद्यार्थियों का रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा।