गोरखपुर। सरकार की ओर से पॉलिथीन पर आज से लागू प्रतिबंध के साथ ही प्लास्टिक और थर्मोकोल के उत्पादों पर 15 अगस्त से बैन के आदेश को देखते हुए उद्योग विभाग भी सक्रिय हो गया है। विभाग ने प्लास्टिक और थर्मोकोल के उत्पाद तैयार करने वाले उद्योगों की जांच की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। इसके लिए टीम का गठन कर दिया गया है।
दरअसल जिले में प्लास्टिक एवं थर्मोकोल उत्पाद तैयार करने वाली 60 फैक्ट्रियां जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र में पंजीकृत हैं।
पॉलिथीन के साथ प्लास्टिक एवं थर्मोकोल भी शहर की सेहत के लिए नुकसानदायक हैं। इनकों नालियों के चोक होने की प्रमुख वजह बताया जाता है। उपायुक्त उद्योग पूजा श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग में पंजीकृत सभी 60 फैक्ट्रियों की जांच की जाएगी। हालांकि शासन की ओर से इन फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई संबंधी आदेश का प्रारूप नहीं मिला है, लेकिन सभी की जांच कर ब्योरा इकट्ठा किया जाएगा। इसके बाद शासनादेश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। 15 अगस्त से थर्मोकोल के उत्पादों पर और दो अक्टूबर से सभी पॉलिथीन, प्लास्टिक और थर्मोकोल के उत्पादों पर प्रतिबंध की तारीख निर्धारित की गई है।