बस्ती(नीरज श्रीवास्तव)। मिशन इंद्रधनुष के तीसरे चरण में डब्लूएचओ की रिपोर्ट ने स्वास्थ्य महकमे की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाए हैं। इसके अनुसार जिले के पांच ब्लाकों में 80 गांव वैक्सीन कंप्रोमाइज एरिया (वीसीए) पाए गए हैं अर्थात यहां यहां मानक से कम टीकाकरण हुआ है। रिपोर्ट आने के बाद सीएमओ ने पांचों सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को फटकार लगाते हुए टीकाकरण के प्रति गंभीरता दिखाने के निर्देश दिए हैं।
इंद्रधनुष योजना के माध्यम से केंद्र सरकार सभी गर्भवतियों व शून्य से दो वर्ष तक के बच्चों को टीकाकरण के माध्यम से सात बीमारियों से निजात दिलाना चाहती है। इस योजना के दो चरण पूरे हो चुके हैं, जबकि तीसरा चरण पूरा होने को है। तीसरे चरण में स्वास्थ्य विभाग के साथ 11 अन्य प्रशासनिक विभागों को भी इसकी जिम्मेदारी दी गई है। तीसरे चरण की रिपोर्ट में डब्लूएचओ की लोकल टीम ने सीएमओ को दिए हैं। जिले के विक्रमजोत, गौर, सल्टौआ, बनकटी और कप्तानगंज ब्लाक में मिशन इंद्रधनुष को करारा झटका लगा है। इन ब्लॉकों के 80 गांवों में टीकाकरण के नाम पर औपचारिकता पूरी की गई है। डब्लूएचओ की जांच में इन गांवों की ड्यू लिस्ट अपडेट नहीं है, जिससे गांव में तीन या तीन से अधिक बच्चे टीकाकरण से वंचित पाए गए हैं। यही नहीं तीसरे चरण का लक्ष्य भी इन ब्लाकों में पूरा नहीं हो सका है। डब्लूएचओ ने स्वास्थ्य विभाग से इन ब्लाकों में फिर से सर्वे कराने और शत प्रतिशत टीकाकरण के लिए मदर मीटिंग के सुझाव दिए हैं। रिपोर्ट के बाद सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा ने इन ब्लाकों की वंचित बच्चों की सूची तैयार करने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी है। सीएमओ डा. कुशवाहा ने कहा है कि डब्लूएचओ की रिपोर्ट को आधार मान कर पांचों प्रभारी चिकित्साधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। मिशन इंद्रधनुष में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की होगी। अगले चरण के लिए इन्हें अभी से तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। शत प्रतिशत टीकाकरण इनकी जिम्मेदारी है।