परीक्षा देकर केंद्र से बाहर निकलते अभ्यर्थी।
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जिले के 27 परीक्षा केंद्रों पर रविवार को हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में बीएड के मूल अंक पत्र की अनिवार्यता के चलते बहुत सारे अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित रह गए। कई केंद्रों पर अभ्यर्थी और अभिभावकों से परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों की नोकझोंक भी हुई। सेंट एंड्रयूज कॉलेज में कई छात्राएं गेट पर रोके जाने के बाद रोने लगीं। छात्राओं को 15 मिनट बाद प्रार्थना पत्र लेकर प्रवेश कराया गया। नामांकित 25765 में 2640 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा देकर निकले विद्यार्थियों ने बताया कि सवाल कठिन थे, सबसे ज्यादा मनोविज्ञान के सवालों ने उलझाया।
दो पॉलियों में हुई परीक्षा में 200 से ज्यादा अभ्यर्थियों को अंक पत्र न लेकर जाने के चलते वापस लौटना पड़ा जबकि कुछ छात्रों ने घर से अंक पत्र मंगा लिए, तो उन्हें परीक्षा की अनुमति दे दी गई। पहली पॉली में 722 व दूसरे पॉली में 1918 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। सेंट एंड्रयूज कॉलेज से परीक्षा देकर निकले वैभव सिंह और राजेश ने बताया कि मनोविज्ञान के सवाल ज्यादा उलझाने वाले थे। उधर, मारवाड़ इंटर कॉलेज में कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा देने से रोके जाने पर जाम की चेतावनी दी, लेकिन उन्हें समझाकर हटाया गया।
कई चौराहों पर लगा जाम
परीक्षा छूटने के बाद कई चौराहों पर जाम लग गया। बख्शीपुर, विजय चौक, नखास रोड, बैंकरोड सहित कई चौराहों पर वाहन लेकर लोग फंसे रहे। परीक्षार्थियों की भीड़ के चलते राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ी।