गोरखपुर।
विकास की परियोजनाओं के दो दुश्मन हैं, भ्रष्टाचार और काम में देरी। तकनीक न सिर्फ भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में सहायक सिद्ध हो सकती है बल्कि समयबद्ध ढंग से इन्हें पूरा करने में भूमिका का निर्वाह भी कर सकती है। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत के दौरान मुख्य अतिथि सीएम योगी आदित्यनाथ ने ये बातें कहीं।
उन्होंने उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों से कुलाधिपति के दीक्षांत उपदेश को अमल में लाने की अपील की। कहा कि इस पर चलकर ही भारत को महाशक्ति के रूप में स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि संयोग है कि गोरखपुर में दो विश्वविद्यालय हो गए हैं। ये दोनों पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास में बड़ी भूमिका अदा कर सकते हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश सामाजिक और आर्थिक रूप से बहुत पिछड़ा माना जाता है। यह स्थिति बुंदेलखंड में भी है। अब जरूरत पूर्वांचल की समस्याओं को ध्यान में रखकर पढ़ाई, रिसर्च की है। यह काम युवा ही कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को ध्यान में रखकर ही स्किल डेवलपमेंट, स्टार्ट-अप और स्टैंड-अप योजना की शुरूआत की है।
युवा भी तलाशें समस्याओं के समाधान के विकल्प
मुख्यमंत्री ने उपाधि पाने वाले मेधावियों से नदियों को प्रदूषण से मुक्त बनाने सहित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट आदि को लेकर सस्ती तकनीक विकसित करने की बात कही। कहा कि कोशिश यह हो कि ऐसे प्लांट लगने के बाद अपना खर्च स्वयं वहन करने में कामयाब हों। पॉवर जेनरेशन की संभावनाएं भी तलाशी जानी चाहिए।