कुशीनगर। जिले के एक डिप्टी सीएमओ समेत दो सरकारी डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस के मामले में घिरते नजर आ रहे हैं। एक न्यूज चैनल के स्टिंग में इनके प्राइवेट प्रैक्टिस की बात सामने आने के बाद से जिले में तैनात सरकारी डॉक्टरों की बेचैनी बढ़ गई है। मामले में खुद को भी घिरते देख सीएमओ ने दोनों डॉक्टरों से दो दिन के अंदर जवाब - तलब किया है।
सरकारी अस्पताल में तैनात डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस की बात तो जग जाहिर है, लेकिन गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज की घटना के बाद सरकार और सत्ता पक्ष से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने इस पर रोक लगाने के लिए कोशिश शुरू की है। कुशीनगर के विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी ने सीएमओ डॉक्टर अखिलेश कुमार से सरकारी डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस की शिकायत की तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया था। विधायक ने भी इसे साबित करने की चेतावनी देते हुए मामले को शासन स्तर तक पहुंचाने की बात कही थी। इसके बाद एक न्यूज चैनल ने कसया में रहने वाले जिले के दो वरिष्ठ डॉक्टरों का स्टिंग ऑपरेशन किया। मरीज बनकर इनके प्राइवेट क्लीनिक पर हुई स्टिंग में दोनों सरकारी डॉक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस की बात सामने आई। बुधवार को यह मामला सार्वजनिक होने के बाद हड़कंप मच गया। इस संबंध में सीएमओ डॉक्टर अखिलेश कुमार का कहना है कि डिप्टी सीएमओ डॉक्टर ताहिर अली और जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सतीश सिंह की तरफ से प्राइवेट प्रैक्टिस किए जाने की जानकारी होने पर दोनों से दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।