कुशीनगर। बरवापट्टी थाने से दो किमी की दूरी पर बिहार प्रांत का पिपरा-पिपरासी बांध चंदरपुर गांव के सामने मंगलवार को सुबह करीब 30 मीटर चौड़ाई में टूट गया। इसके कुछ ही देर में बिहार के एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी भर गया। गंडक नदी का यह पानी आगे बांसी नदी में गिर रहा है। इसके चलते कुशीनगर जिले में दुदही क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बिहार और यूपी सीमा के तमाम लोग अमवा तटबंध पर शरण लिए हुए हैं। बिहार प्रांत के सिंचाई विभाग की ओर से बंधे पर बचाव कार्य शुरू करा दिया गया है।
गंडक नदी पर कुशीनगर जिले की तरफ बिहार प्रांत का भी कुछ हिस्सा है। यहां बने पिपरा-पिपरासी बांध के रखरखाव का जिम्मा बिहार प्रांत के सिंचाई विभाग के पास है। कई वर्ष से यहां नदी के पानी का दबाव नहीं था, जिसके चलते मरम्मत कार्य भी नहीं हो रहा था। रविवार की रात जब गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज पांच लाख क्यूसेक से ऊपर पहुंचा तो इस बंधे पर भी नदी का दबाव बढ़ गया। मंगलवार की सुबह करीब 6 बजे रेन कट व रैट होल के चलते चंदरपुर गांव के पास पिपरा-पिपरासी बांध का करीब 30 मीटर हिस्सा धंस गया। पानी का दबाव अधिक होने के चलते कुछ ही देर में बांध टूट गया। इसके साथ ही बिहार प्रांत के चंदरपुर, झौठिया, ख़ांव टोला, मछहा, मौनही, बैराटवा, बलुवा, पिपरहिया, शेख पट्टी, धोबी टोला, उल्टहवा, मिश्रौली, डीही पकड़ी आदि गांवों में बाढ़ का पानी भर गया। घरों में पांच फिट तक पानी लग जाने की वजह से लोग सामान छोड़कर किसी तरह से बंधे पर पहुंचकर शरण लिए। लगातार पानी बहने से दुदही क्षेत्र के अमवा खास, दशहवा, अमवा दीगर,बांसगांव आदि के कई टोलों में भी पानी भरने लगा। इन टोले के लोगों ने भी स्थिति होते देख घर छोड़कर बंधे पर शरण ले लिया। बांध टूटने की सूचना पर तमकुहीराज के विधायक अजय कुमार लल्लू नाव से प्रभावित गांवों में पहुंचे। बिहार और यूपी के सिंचाई विभाग तथा प्रशासनिक अफसरों ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया और बचाव कार्य शुरू कराया। बुधवार को दुदही क्षेत्र के मिश्रौली, नंदपुर, पिपरही आदि गांवों तक पानी पहुंच गया। जुब्बा टोला में लोगों ने मचान पर शरण ले रखी है। एसडीएम और बीडीओ की निगरानी में राहत कार्य चल रहा है। बंधे पर शरण लिए लोगों के लिए भोजन का प्रबंध कराया जा रहा है। बांसी नदी व दशहवा ड्रेन ओवरफ्लो होने से आसपास के खेतों में पानी भर गया है।