गोरखपुर।
जिला अस्पताल में एसआईसी की कुर्सी के लिए चला विवाद अब नया रूप ले चुका है। पूर्व एसआईसी डॉ. एचआर यादव हाईकोर्ट से स्टे लेकर आए थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें इससे पहले रिलीव हुआ बताते हुए डॉ. दिनेश कुमार सोनकर को कुर्सी पर बैठा दिया था। मामले में अब मेडिकल अफसरों पर अवमानना की तलवार लटक रही है।
जून के अंतिम पखवारे में यह मामला सुर्खियों में रहा। दो एसआईसी एक साथ अस्पताल में काम कर रहे थे। एडी हेल्थ ने मामले में प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की। इसके बाद प्रशासन की टीम अस्पताल पहुंची और डॉ. एचआर यादव को जाना पड़ा। सूत्रों की माने तो इसके बाद डॉ. एचआर यादव फिर कोर्ट चले गए। अब मामले में कोर्ट से प्रमुख सचिव को 15 दिन में स्थिति स्पष्ट न करने के मामले को अवमानना का नोटिस भेजा गया है। इसकी सूचना से अस्पताल प्रशासन समेत एडी हेल्थ डॉ. पुष्कर आनंद के कार्यालय में हड़कंप है। स्वास्थ्य महकमे के अफसरों से चूक यह हुई कि डॉ. एचआर यादव की विदाई तो कर दी लेकिन कोर्ट के स्टे के मुताबिक यथा स्थिति का पालन करने की सूचना नहीं भेजी गई। स्वास्थ्य महकमे के अफसर कह रहे थे कि स्टे से पूर्व ही उन्हें रिलीव कर दिया गया था, पर यह इस संबंध में एडी कार्यालय से कोर्ट को कोई सूचना नहीं भेजी गई। अब प्रमुख सचिव तक नोटिस पहुंचने के बाद इस संबंध में कागजी औपचारिकता पूरी करने की कवायद शुरू हो गई है। शुक्रवार को इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट ने एसआईसी को जरूरी सुझाव दिए थे।