संतकबीरनगर। जिले में जल निकासी के लिए नाला निर्माण के दो प्रोजेक्टों पर दो करोड़ रुपये खर्च होने के बाद हाल ही में इन प्रोजेक्टों को निरस्त कर दिया गया। इसके साथ ही इसकी राशि को राजकोष में जमा कराने का निर्देश डीएम को दिया गया है। इससे प्रशासन और कार्यदाई संस्था ऊहापोह में हैं।
जिले में त्वरित त्वरित आर्थिक विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2016 में जिले में जल निकासी के लिए दो परियोजनाएं स्वीकृत हुईं थीं। पहली परियोजना में 14.19 करोड़ की लागत से पटखौली से डीएम ऑफिस ,पुलिस लाइन ,चकपिहानी होते हुए जंगलऊन तक 5100 मीटर और दूसरी परियोजना में 6.60 करोड़ से खलीलाबाद शुगर मिल से खुदवा नाले तक 1800 मीटर पक्का नाला निर्माण कार्य होना था। शासन ने दस प्रतिशत धनराशि अवमुक्त करते हुए कार्यदाई संस्था सीएनडीएस को निर्माण की जिम्मेदारी दी। सीएनडीएस के प्रोजक्ट मैनेजर एके सिंह ने बताया कि पटखौली से जंगलऊन के प्रोजेक्ट पर 500 मीटर और शुगर मिल से खुदवा नाला के प्रोजेक्ट पर 200 मीटर कार्य हुआ है।
इस कार्य में शासन से अवमुक्त राशि खर्च हो चुकी है। वहीं हाल ही डीएम को पत्र भेज दोनों परियोजनाओं को अनारंभ सूची में डालते हुए प्रमुख सचिव नियोजन ने पत्र भेजकर डीएम को निर्देशित किया है कि दोनों परियोजनाओं पर अवमुक्त धनराशि को राजकोष में जमा करवाते हुए अवगत कराएं। जबकि 28 मार्च को खर्च हुई धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र भी शासन को भेजा जा चुका है। डीएम मारकंडेय शाही ने बताया कि 15 जुलाई 2017 को सीएनडीएस के परियोजना प्रबंधक की तरफ से जांच रिपोर्ट दी गई थी।
प्रमुख सचिव नियोजन को 17 जुलाई को पत्र भेज कर अनुरोध किया गया है कि इन दोनों परियोजनाओं पर मिली धनराशि से कार्य हुआ है। ऐसे में दोनों परियोजनाओं को अनारंभ सूची से हटाते हुए द्वितीय किश्त की धनराशि अवमुक्त कराने के लिए संबंधित को निर्देश करें। जिससे इन अधूरी परियोजनाओं को पूरा कराया जा सके।