कुशीनगर। सरयाखास गांव के सामने पल भर पहले जयकारा व नाच-गाने की मस्ती अचानक चीख-पुकार में बदली तो बगल के राइस मिल पर मौजूद सगे भाइयों ने तमाशबीन बनने या घबराने की बजाय बहादुरी व समझदारी का परिचय देते हुए सूखे बांस से प्रहार कर तार को ट्राली पर बंधे पोल से दूर किया। साथ ही दो अन्य ग्रामीण सनत कुमार पांडेय व रामप्रवेश ने फोन से बिजली विभाग, एंबुलेंस व पुलिस को घटना की सूचना देकर सहायता मांगी। आनन-फानन इन चारों लोगों ने दूसरे वाहन का इंतजाम कर झुलसे श्रद्धालुओं को जिला चिकित्सालय भेजने का भी प्रबंध कर दिया। तब तक कुबेरस्थान पुलिस व डॉयल 100 टीम के अलावा एंबुलेंस भी पहुंची, जिससे झुलसे लोगों को तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचाने में मदद मिली। इन चारों के साहस समझदारी का ही नतीजा था कि घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी के बीच कोई अन्य व्यक्ति करंट की चपेट में नहीं आने पाया।
घटनास्थल के ठीक सामने सरया खास गांव निवासी सगे भाई विनोद कुमार गुप्ता तथा प्रमोद कुमार गुप्ता अपनी राइस मिल पर मौजूद थे। ये लोग कटनवार गांव के श्रद्धालुओं को देख रहे थे कि अचानक चीख पुकार मच गई। ट्राली पर सवार श्रद्धालु खुद को बचाने की कोशिश करने में लगे लेकिन करंट के चलते बेबश थे। पैदल चल रहे अन्य श्रद्धालु भी मदद के लिए चीख रहे थे, लेकिन उन्हें उपाय नहीं सूझ रहा था। मौके की गंभीरता को देखते हुए दोनों भाइयों ने बिना देर किए मदद के लिए गांव के अन्य लोगों को आवाज देते हुए राइस मिल पर रखे सूखे बांस से 11 हजार वोल्ट के तार को पीटने लगे। इससे एक तरफ जहां तार लोहे के पाइप से हटा तो वहीं तारों में स्पार्किंग के चलते कुछ दूरी पर बंधा फ्यूज भी उड़ गया। इससे 11 हजार वोल्ट की सप्लाई बंद हो गई।
दोनों भाइयों की आवाज सुनकर वहां पहुंचे गांव के रामप्रवेश तथा सनत कुमार पांडेय ने तत्काल कुबेरस्थान पुलिस, डॉयल 100 तथा 108 नंबर एंबुलेंस को सूचना दी। साथ ही बिजली विभाग के अफसरों को फोन कर सप्लाई बंद करने को कहा। तब तक घटनास्थल पर गांव के अन्य लोग भी पहुंच चुके थे। प्रमोद, विनोद, सनत पांडेय व रामप्रवेश गांव के लोगों की मदद से ट्रैक्टर-ट्राली व अन्य दूसरे वाहनों का इंतजाम कर झुलसे लोगों को जिला चिकित्सालय भेजने लगे। तब तक कुबेरस्थान पुलिस व डॉयल 100 की गाड़ी पहुंची। इसके बाद पीड़ितों को पुलिस की गाड़ी व एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। अगर इन चारों ने साहस व समझदारी का परिचय नहीं दिया होता तो कुछ ही सेकेंड में यह हादसा और बड़ा हो गया होता। यहां तक कि ट्राली के साथ चल रहे कई अन्य श्रद्धालु भी करंट की चपेट में आ जाते।