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डीएम की बात का बना दिया मजाक

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गोरखपुर।
डीएम की नसीहत के बाद खरीदी गई होम्योपैथ की मीठी गोली और शीशी जिला होम्यो चिकित्सालय आने वाले मरीजों के काम नहीं आ पा रही हैं। कागजी औपचारिकता पूरी न होने के नाम पर फार्मासिस्ट ने सामान रिसीव करने से मना कर दिया है। इसके चलते यहां से मरीजों को बिना दवा दिए ही लौटा दिया जा रहा है।
जिला होम्योपैथी चिकित्सालय में लंबे अरसे से होम्योपैथ की गोलियां और शीशी का संकट है। पिछले दिनों डीएम ने नाराजगी जताते हुए तत्काल इसकी व्यवस्था करने के लिए एसआईसी को कहा था। इसके बाद 17 जून को एसआईसी ने इमरजेंसी व्यवस्था के तहत शीशी और गोलियां खरीदकर जिला अस्पताल भेजीं। यहां तैनात फार्मासिस्ट ने कागज पूरा न होने के चलते इसे रिसीव करने से इन्कार कर दिया। इसके चलते मरीजों को यहां से सिर्फ परामर्श मिल पा रहा है, दवाएं नहीं। इस संबंध में एसआईसी डॉ. दिनेश कुमार सोनकर ने बताया कि इमरजेंसी को देखते हुए बिना कागजी औपचारिकता पूरी किए थोड़ा समान मंगाया गया था। फार्मासिस्ट को मरीजों का हित देखते हुए इसे रिसीव करना चाहिए था। दो दिन पूर्व जानकारी मिली कि उसने शीशी और गोलियां वापस कर दी हैं। दो से तीन दिन में कागजी औपचारिकता पूरी करके व्यवस्था सुचारु करा दी जाएगी।
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चौथी बार भी निराश लौटे
बुधवार को कूड़ाघाट निवासी उत्तम सिंह राठौर चौथी बार दवा की आस में जिला होम्यो हॉस्पिटल पहुंचे। लेकिन इस बार भी उन्हें निराशा हाथ लगी। उन्होंने एसआईसी से मिलकर पूर्व में दो बार उनसे मुलाकात समेत चार बार बिना दवा लिए लौटने की बात बताई। इस पर एसआईसी ने तीन दिन में व्यवस्था पटरी पर लाने का भरोसा देकर उन्हें विदा किया।
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